11 worked answers · short steps first, explanations when you need them
प्रश्न-अभ्यास
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 7
Question बारहमासा, प्रश्न-अभ्यास
अगहन मास की विशेषता बताते हुए नागमती की विरह-व्यथा का वर्णन कीजिए।
Steps only
अगहन की लंबी रातें नागमती का विरह बढ़ाती हैं। वह विरह में दीपक की बाती-सी जलती और पक्षियों से संदेश भेजती है।
Answer
अगहन की लंबी रातें नागमती का विरह बढ़ाती हैं। वह विरह में दीपक की बाती-सी जलती और पक्षियों से संदेश भेजती है।
Question बारहमासा, प्रश्न-अभ्यास
“जीयत खाइ मुएँ नहिं छाँड़ा” के संदर्भ में नागमती की विरह-दशा बताइए।
Steps only
नागमती कहती है कि विरह उसे जीवित रहते हुए भीतर से खा रहा है और मृत्यु के बाद भी उससे छुटकारा मिलने की आशा नहीं। यह बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया भाव उसकी असहनीय और लगातार बनी रहने वाली पीड़ा को दिखाता है।
Answer
नागमती कहती है कि विरह उसे जीवित रहते हुए भीतर से खा रहा है और मृत्यु के बाद भी उससे छुटकारा मिलने की आशा नहीं। यह बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया भाव उसकी असहनीय और लगातार बनी रहने वाली पीड़ा को दिखाता है।
Question बारहमासा, प्रश्न-अभ्यास
माघ महीने में विरहिणी को क्या अनुभूति होती है?
Steps only
माघ में पाला, ठंडी हवा और वर्षा नागमती को बहुत कष्ट देते हैं। उसका शरीर काँपता है और आँसू वर्षा की बूँदों जैसे गिरते हैं। ठंड और प्रिय-वियोग मिलकर उसकी पीड़ा को और बढ़ा देते हैं।
Answer
माघ में पाला, ठंडी हवा और वर्षा नागमती को बहुत कष्ट देते हैं। उसका शरीर काँपता है और आँसू वर्षा की बूँदों जैसे गिरते हैं। ठंड और प्रिय-वियोग मिलकर उसकी पीड़ा को और बढ़ा देते हैं।
Question बारहमासा, प्रश्न-अभ्यास
वृक्षों से पत्तियाँ और वनों से डालियाँ किस महीने में गिरती हैं? इसका नागमती की दशा से क्या संबंध है?
Steps only
ये दृश्य फागुन मास के हैं। पेड़ों के पीले पत्ते और पत्तों से खाली डालियाँ नागमती के पीले, कमजोर और विरह से सूखे शरीर का बिंब बनते हैं। बाहर प्रकृति में रंग और उत्सव है, लेकिन उसके मन में उदासी बढ़ती है।
Answer
ये दृश्य फागुन मास के हैं। पेड़ों के पीले पत्ते और पत्तों से खाली डालियाँ नागमती के पीले, कमजोर और विरह से सूखे शरीर का बिंब बनते हैं। बाहर प्रकृति में रंग और उत्सव है, लेकिन उसके मन में उदासी बढ़ती है।
Question बारहमासा, प्रश्न-अभ्यास प्रश्न 5(क)
भँवरे और कौए को संदेशवाहक बनाकर नागमती क्या कहती है?
Steps only
नागमती पक्षियों से कहती है कि उसके प्रिय को बता दें—वह विरह में जलकर मानो नष्ट हो चुकी है। उसके दुख का धुआँ ही उसके पास बचा है। यह संदेश उसकी असहायता और प्रिय से मिलने की तीव्र इच्छा दिखाता है।
Answer
नागमती पक्षियों से कहती है कि उसके प्रिय को बता दें—वह विरह में जलकर मानो नष्ट हो चुकी है। उसके दुख का धुआँ ही उसके पास बचा है। यह संदेश उसकी असहायता और प्रिय से मिलने की तीव्र इच्छा दिखाता है।
Question बारहमासा, प्रश्न-अभ्यास प्रश्न 5(ख)
रक्त, मांस और हड्डियों के बिंब से नागमती की कौन-सी दशा व्यक्त होती है?
Steps only
रक्त और मांस घटने तथा हड्डियाँ शंख जैसी होने का बिंब उसकी अत्यधिक कमजोरी और विरह-पीड़ा दिखाता है।
Answer
विरह ने नागमती को बहुत क्षीण कर दिया है।
Question बारहमासा, प्रश्न-अभ्यास प्रश्न 5(ग)
“तुम्ह बिनु कंता…” वाले पद्यांश में नागमती का भाव स्पष्ट कीजिए।
Steps only
प्रिय के बिना नागमती का शरीर हल्का और कमजोर होकर तिनके जैसा डोलता है। फागुन की हवा उसे झकझोरती है और विरह की आग उसके दुख को बढ़ाती है। वह अपने शरीर को असहाय अनुभव करती है।
Answer
प्रिय के बिना नागमती का शरीर हल्का और कमजोर होकर तिनके जैसा डोलता है। फागुन की हवा उसे झकझोरती है और विरह की आग उसके दुख को बढ़ाती है। वह अपने शरीर को असहाय अनुभव करती है।
Question बारहमासा, प्रश्न-अभ्यास प्रश्न 5(घ)
“यह तन जारौं छार कै…” वाले पद्यांश का भाव अपने शब्दों में लिखिए।
Steps only
नागमती कहती है कि वह अपने शरीर को जलाकर राख कर देना चाहती है और चाहती है कि हवा उस राख को प्रिय के रास्ते में पहुँचा दे। यह कल्पना प्रिय के प्रति उसके पूर्ण समर्पण और अत्यंत गहरे विरह को दिखाती है।
Answer
नागमती कहती है कि वह अपने शरीर को जलाकर राख कर देना चाहती है और चाहती है कि हवा उस राख को प्रिय के रास्ते में पहुँचा दे। यह कल्पना प्रिय के प्रति उसके पूर्ण समर्पण और अत्यंत गहरे विरह को दिखाती है।
Question बारहमासा, प्रश्न-अभ्यास
बारहमासा के पहले दो छंदों से अलंकारों के उदाहरण देकर काव्य-सौंदर्य बताइए।
Steps only
पहले छंद में विरह को दीपक की बाती की तरह जलता दिखाने से उपमा अलंकार बनता है। दूसरे छंद में विरह को शरीर पर झपटते बाज जैसा दिखाया गया है; यह रूपकात्मक बिंब है। शरीर का अत्यधिक क्षीण होना और विरह से जीवित-मृत समान हो जाना अतिशयोक्ति है। ठंड, पक्षियों और शरीर के बिंबों से करुणा और विरह का भाव गहरा होता है।
Answer
पहले छंद में विरह को दीपक की बाती की तरह जलता दिखाने से उपमा अलंकार बनता है। दूसरे छंद में विरह को शरीर पर झपटते बाज जैसा दिखाया गया है; यह रूपकात्मक बिंब है। शरीर का अत्यधिक क्षीण होना और विरह से जीवित-मृत समान हो जाना अतिशयोक्ति है। ठंड, पक्षियों और शरीर के बिंबों से करुणा और विरह का भाव गहरा होता है।
योग्यता-विस्तार
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 7
Question बारहमासा, योग्यता-विस्तार
किसी अन्य कवि की विरह-वर्णन वाली दो कविताएँ चुनकर कक्षा में प्रस्तुत करने की तैयारी कीजिए।
Steps only
यह खोज-आधारित गतिविधि है। पुस्तकालय से दो कविताएँ चुनें, कवि और पुस्तक का नाम लिखें, और प्रत्येक कविता में विरह का एक मुख्य भाव अपने शब्दों में बताएं। प्रस्तुति के लिए केवल आवश्यक छोटी पंक्ति चुनें और शिक्षक के निर्देशानुसार साझा करें।
Answer
यह खोज-आधारित गतिविधि है। पुस्तकालय से दो कविताएँ चुनें, कवि और पुस्तक का नाम लिखें, और प्रत्येक कविता में विरह का एक मुख्य भाव अपने शब्दों में बताएं। प्रस्तुति के लिए केवल आवश्यक छोटी पंक्ति चुनें और शिक्षक के निर्देशानुसार साझा करें।
Question बारहमासा, योग्यता-विस्तार
“नागमती वियोग खंड” पढ़कर जायसी के बारे में जानकारी जुटाइए।
Steps only
नमूना नोट: जायसी सूफी प्रेममार्गी कवि थे और उनकी प्रसिद्ध रचना “पद्मावत” है। इस पाठ में “बारहमासा” के माध्यम से नागमती का विरह विभिन्न महीनों और मौसमों के बिंबों से दिखाया गया है। आगे की जानकारी विश्वसनीय साहित्यिक स्रोत से लेकर अपने शब्दों में जोड़ें।
Answer
नमूना नोट: जायसी सूफी प्रेममार्गी कवि थे और उनकी प्रसिद्ध रचना “पद्मावत” है। इस पाठ में “बारहमासा” के माध्यम से नागमती का विरह विभिन्न महीनों और मौसमों के बिंबों से दिखाया गया है। आगे की जानकारी विश्वसनीय साहित्यिक स्रोत से लेकर अपने शब्दों में जोड़ें।