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कक्षा 12 · Antra · अध्याय 2

गीत गाने दो मुझे; सरोज-स्मृति — सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

निराला की दोनों कविताओं में निराशा, आशा, बेटी के प्रति प्रेम और जीवन-संघर्ष को सरल उत्तरों से समझें।

21 उत्तरसरल हिंदी

21 worked answers · short steps first, explanations when you need them

गीत गाने दो मुझे — कविता-बोध के सहायक प्रश्न

Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 2

Question गीत गाने दो मुझे, पाठ-बोध के मौलिक सहायक प्रश्न

“कंठ रुक रहा है, काल आ रहा है”—कवि के मन में यह भावना क्यों आई?

Steps only

कवि को लगता है कि चारों ओर संघर्ष, अन्याय और लूट के कारण मनुष्य का सहारा छिन रहा है। लगातार चोटें सहते-सहते उसकी आवाज़ और हिम्मत कमजोर पड़ रही है; इसलिए उसे मृत्यु या विनाश निकट दिखाई देता है।

Answer

कवि को लगता है कि चारों ओर संघर्ष, अन्याय और लूट के कारण मनुष्य का सहारा छिन रहा है। लगातार चोटें सहते-सहते उसकी आवाज़ और हिम्मत कमजोर पड़ रही है; इसलिए उसे मृत्यु या विनाश निकट दिखाई देता है।

Question गीत गाने दो मुझे, पाठ-बोध के मौलिक सहायक प्रश्न

कवि “गीत गाने दो मुझे” क्यों कहता है?

Steps only

कवि दुख और अन्याय से घिरे समय में भी गीत के माध्यम से मनुष्यों को साहस देना चाहता है। वह चाहता है कि लोग निराश होकर चुप न हों और मानवता को फिर से जीवित करने का प्रयास करें।

Answer

कवि दुख और अन्याय से घिरे समय में भी गीत के माध्यम से मनुष्यों को साहस देना चाहता है। वह चाहता है कि लोग निराश होकर चुप न हों और मानवता को फिर से जीवित करने का प्रयास करें।

Question गीत गाने दो मुझे, पाठ-बोध के मौलिक सहायक प्रश्न

कवि को संसार “जहर से भरा” हुआ क्यों लगता है?

Steps only

कवि को समाज में स्वार्थ, शोषण और लोगों के बीच अविश्वास दिखाई देता है। लोग एक-दूसरे को समझने और सहारा देने के बजाय नुकसान पहुँचाते हैं। इसी कारण उसे संसार विषैला लगता है।

Answer

कवि को समाज में स्वार्थ, शोषण और लोगों के बीच अविश्वास दिखाई देता है। लोग एक-दूसरे को समझने और सहारा देने के बजाय नुकसान पहुँचाते हैं। इसी कारण उसे संसार विषैला लगता है।

Question गीत गाने दो मुझे, पाठ-बोध के मौलिक सहायक प्रश्न

“बुझ गई है लौ पृथा की, जल उठो फिर सींचने को”—इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।

Steps only

कवि को लगता है कि पृथ्वी पर जीवनदायी करुणा और आशा की रोशनी कम हो गई है। वह लोगों से फिर उठकर अपने प्रेम, परिश्रम और मानवीय व्यवहार से दुनिया को सँवारने का आग्रह करता है।

Answer

कवि को लगता है कि पृथ्वी पर जीवनदायी करुणा और आशा की रोशनी कम हो गई है। वह लोगों से फिर उठकर अपने प्रेम, परिश्रम और मानवीय व्यवहार से दुनिया को सँवारने का आग्रह करता है।

Question गीत गाने दो मुझे, पाठ-बोध के मौलिक सहायक प्रश्न

कविता में कवि की निराशा के साथ आशा भी कैसे दिखाई देती है?

Steps only

कवि संघर्ष, लूट और टूटते मनोबल से निराश है। फिर भी वह गीत गाने और पृथ्वी को फिर सींचने की बात करता है। इससे पता चलता है कि वह लोगों के प्रयास से बेहतर भविष्य की आशा रखता है।

Answer

कवि संघर्ष, लूट और टूटते मनोबल से निराश है। फिर भी वह गीत गाने और पृथ्वी को फिर सींचने की बात करता है। इससे पता चलता है कि वह लोगों के प्रयास से बेहतर भविष्य की आशा रखता है।

Question गीत गाने दो मुझे, पाठ-बोध के मौलिक सहायक प्रश्न

“गीत गाने दो मुझे” कविता का मुख्य संदेश अपने शब्दों में लिखिए।

Steps only

कविता का संदेश है कि कठिन और अन्यायपूर्ण समय में भी मनुष्य को हिम्मत नहीं छोड़नी चाहिए। गीत, संवेदना और मिल-जुलकर किए गए प्रयास से समाज में आशा और जीवन लौटाया जा सकता है।

Answer

कविता का संदेश है कि कठिन और अन्यायपूर्ण समय में भी मनुष्य को हिम्मत नहीं छोड़नी चाहिए। गीत, संवेदना और मिल-जुलकर किए गए प्रयास से समाज में आशा और जीवन लौटाया जा सकता है।

सरोज-स्मृति

Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 2

Question सरोज-स्मृति, प्रश्न-अभ्यास

सरोज के नव-वधू रूप का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

Steps only

विवाह के समय सरोज नई दुल्हन के रूप में बहुत सुंदर और प्रसन्न दिखाई देती है। उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान है। लज्जा से झुकी आँखों और सजे हुए रूप में नए जीवन की खुशी और संकोच दोनों झलकते हैं।

Answer

विवाह के समय सरोज नई दुल्हन के रूप में बहुत सुंदर और प्रसन्न दिखाई देती है। उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान है। लज्जा से झुकी आँखों और सजे हुए रूप में नए जीवन की खुशी और संकोच दोनों झलकते हैं।

Question सरोज-स्मृति, प्रश्न-अभ्यास

कवि को अपनी स्वर्गीया पत्नी की याद क्यों आई?

Steps only

सरोज के विवाह के समय कवि ने बेटी को सजते और नए जीवन में प्रवेश करते देखा। उस दृश्य में उसे अपनी दिवंगत पत्नी की सुंदरता और साथ बिताए जीवन की याद आई। बेटी में पत्नी की छवि देखकर उसका पुराना दुख फिर जाग उठा।

Answer

सरोज के विवाह के समय कवि ने बेटी को सजते और नए जीवन में प्रवेश करते देखा। उस दृश्य में उसे अपनी दिवंगत पत्नी की सुंदरता और साथ बिताए जीवन की याद आई। बेटी में पत्नी की छवि देखकर उसका पुराना दुख फिर जाग उठा।

Question सरोज-स्मृति, प्रश्न-अभ्यास

“आकाश बदल कर बना मही” में “आकाश” और “मही” किनकी ओर संकेत करते हैं?

Steps only

यहाँ “आकाश” कवि के मन में पहले से बसे निराकार सौंदर्य और प्रेम का संकेत है। “मही” पृथ्वी पर दिखाई देने वाले साकार रूप का संकेत है। सरोज के रूप में कवि को अपनी कल्पना और स्मृति का सौंदर्य साकार दिखाई देता है।

Answer

यहाँ “आकाश” कवि के मन में पहले से बसे निराकार सौंदर्य और प्रेम का संकेत है। “मही” पृथ्वी पर दिखाई देने वाले साकार रूप का संकेत है। सरोज के रूप में कवि को अपनी कल्पना और स्मृति का सौंदर्य साकार दिखाई देता है।

Question सरोज-स्मृति, प्रश्न-अभ्यास

सरोज का विवाह अन्य विवाहों से किस प्रकार भिन्न था?

Steps only

सरोज का विवाह बहुत सादगी से हुआ। उसमें न आत्मीय रिश्तेदारों की भीड़ थी, न निमंत्रण और न घर में सामान्य विवाह-जैसी धूमधाम। कवि ने अपनी सीमित परिस्थितियों में बेटी के लिए प्रेम से व्यवस्था की।

Answer

सरोज का विवाह बहुत सादगी से हुआ। उसमें न आत्मीय रिश्तेदारों की भीड़ थी, न निमंत्रण और न घर में सामान्य विवाह-जैसी धूमधाम। कवि ने अपनी सीमित परिस्थितियों में बेटी के लिए प्रेम से व्यवस्था की।

Question सरोज-स्मृति, प्रश्न-अभ्यास

“वह लता वहीं की, जहाँ कली तू खिली” पंक्ति से किस प्रसंग का पता चलता है?

Steps only

यह पंक्ति बताती है कि सरोज का बचपन नानी के घर, मामा-मामी के स्नेह में बीता। वह वहीं पली-बढ़ी और बीमारी के अंतिम समय में भी उसी परिवार की गोद में रही। “लता” और “कली” के बिंब उसके पालन-पोषण को दिखाते हैं।

Answer

यह पंक्ति बताती है कि सरोज का बचपन नानी के घर, मामा-मामी के स्नेह में बीता। वह वहीं पली-बढ़ी और बीमारी के अंतिम समय में भी उसी परिवार की गोद में रही। “लता” और “कली” के बिंब उसके पालन-पोषण को दिखाते हैं।

Question सरोज-स्मृति, प्रश्न-अभ्यास

“मुझ भाग्यहीन की तू संबल” पंक्ति क्या “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे कार्यक्रम की माँग करती है? अपने विचार लिखिए।

Steps only

हाँ, यह पंक्ति बेटियों के महत्व और उनके प्रति जिम्मेदारी की याद दिलाती है। सरोज पिता का सहारा थी, इसलिए कवि का दुख गहरा है। इस भाव से प्रेरणा मिलती है कि बेटियों को जन्म से ही सुरक्षा, समान अवसर और शिक्षा मिलनी चाहिए।

Answer

हाँ, यह पंक्ति बेटियों के महत्व और उनके प्रति जिम्मेदारी की याद दिलाती है। सरोज पिता का सहारा थी, इसलिए कवि का दुख गहरा है। इस भाव से प्रेरणा मिलती है कि बेटियों को जन्म से ही सुरक्षा, समान अवसर और शिक्षा मिलनी चाहिए।

Question सरोज-स्मृति, प्रश्न-अभ्यास

“नत नयनों से आलोक उतर” पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

Steps only

सरोज की झुकी हुई आँखों में खुशी और लज्जा की चमक दिखाई देती है।

Answer

सरोज की झुकी हुई आँखों में खुशी और लज्जा की चमक दिखाई देती है।

Question सरोज-स्मृति, प्रश्न-अभ्यास

“शृंगार रहा जो निराकार” पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

Steps only

कवि के मन में जो सौंदर्य और प्रेम पहले कल्पना के रूप में था, वह सरोज के सजे हुए रूप में साकार दिखाई दिया।

Answer

कवि के मन में जो सौंदर्य और प्रेम पहले कल्पना के रूप में था, वह सरोज के सजे हुए रूप में साकार दिखाई दिया।

Question सरोज-स्मृति, प्रश्न-अभ्यास

“पर पाठ अन्य यह, अन्य कला” पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

Steps only

कवि सोचता है कि सरोज शकुंतला जैसी अवश्य लगती है, लेकिन उसका जीवन और विवाह अलग परिस्थितियों में हुआ।

Answer

कवि सोचता है कि सरोज शकुंतला जैसी अवश्य लगती है, लेकिन उसका जीवन और विवाह अलग परिस्थितियों में हुआ।

Question सरोज-स्मृति, प्रश्न-अभ्यास

“यदि धर्म, रहे नत सदा माथ” पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

Steps only

कवि अपनी बेटी के तर्पण के समय कहता है कि यदि धर्म सत्य है, तो उसका माथा हमेशा विनम्र रहे। यह दुख और श्रद्धा से भरी प्रार्थना है।

Answer

कवि अपनी बेटी के तर्पण के समय कहता है कि यदि धर्म सत्य है, तो उसका माथा हमेशा विनम्र रहे। यह दुख और श्रद्धा से भरी प्रार्थना है।

Question सरोज-स्मृति, अतिरिक्त अभ्यास

“सरोज-स्मृति” को शोकगीत क्यों कहा जाता है?

Steps only

यह कविता अपनी दिवंगत बेटी सरोज की स्मृति में लिखी गई है। इसमें पिता का प्रेम, बेटी के असमय निधन का दुख, अपनी विवशता और जीवन-संघर्ष की पीड़ा व्यक्त हुई है। इसलिए इसे शोकगीत कहा जाता है।

Answer

यह कविता अपनी दिवंगत बेटी सरोज की स्मृति में लिखी गई है। इसमें पिता का प्रेम, बेटी के असमय निधन का दुख, अपनी विवशता और जीवन-संघर्ष की पीड़ा व्यक्त हुई है। इसलिए इसे शोकगीत कहा जाता है।

Question सरोज-स्मृति, अतिरिक्त अभ्यास

“सरोज-स्मृति” में निराला की वेदना के सामाजिक संदर्भों को स्पष्ट कीजिए।

Steps only

कवि का दुख केवल बेटी को खोने का नहीं है। वह अपनी आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक अकेलेपन के कारण बेटी के विवाह तथा जीवन के लिए अधिक नहीं कर सका। कविता में पिता का प्रेम, सीमित साधनों की पीड़ा और समाज से मिले कम सहारे की कसक भी दिखाई देती है।

Answer

कवि का दुख केवल बेटी को खोने का नहीं है। वह अपनी आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक अकेलेपन के कारण बेटी के विवाह तथा जीवन के लिए अधिक नहीं कर सका। कविता में पिता का प्रेम, सीमित साधनों की पीड़ा और समाज से मिले कम सहारे की कसक भी दिखाई देती है।

योग्यता-विस्तार

Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 2

Question सरोज-स्मृति, योग्यता-विस्तार

निराला के जीवन पर उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लेकर एक संक्षिप्त परिचय तैयार कीजिए।

Steps only

नमूना परिचय: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि थे। उनकी रचनाओं में मानवीय संवेदना, सामाजिक अन्याय के प्रति विरोध और स्वतंत्र विचार दिखाई देते हैं। इस परिचय को पुस्तकालय या विश्वसनीय साहित्यिक स्रोत से मिले जन्म-वर्ष, प्रमुख रचनाओं और साहित्यिक योगदान के तथ्यों से पूरा करें।

Answer

नमूना परिचय: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि थे। उनकी रचनाओं में मानवीय संवेदना, सामाजिक अन्याय के प्रति विरोध और स्वतंत्र विचार दिखाई देते हैं। इस परिचय को पुस्तकालय या विश्वसनीय साहित्यिक स्रोत से मिले जन्म-वर्ष, प्रमुख रचनाओं और साहित्यिक योगदान के तथ्यों से पूरा करें।

Question सरोज-स्मृति, योग्यता-विस्तार

अपने बचपन की स्मृतियों पर एक छोटी कविता लिखिए।

Steps only

नमूना शुरुआत: “आँगन में दौड़ती धूप, कागज़ की नावें प्यारी; छोटी-सी दुनिया में थीं, खुशियाँ सबसे न्यारी।” अपनी स्मृति के अनुसार स्थान, व्यक्ति और घटना बदलकर कविता पूरी करें।

Answer

नमूना शुरुआत: “आँगन में दौड़ती धूप, कागज़ की नावें प्यारी; छोटी-सी दुनिया में थीं, खुशियाँ सबसे न्यारी।” अपनी स्मृति के अनुसार स्थान, व्यक्ति और घटना बदलकर कविता पूरी करें।

Question सरोज-स्मृति, योग्यता-विस्तार

“सरोज-स्मृति” पढ़कर आम आदमी के जीवन-संघर्षों पर चर्चा कीजिए।

Steps only

चर्चा में कहा जा सकता है कि आर्थिक कठिनाई, बीमारी, परिवार की जिम्मेदारियाँ और कम सामाजिक सहारा आम लोगों का जीवन कठिन बनाते हैं। फिर भी प्रेम, धैर्य और एक-दूसरे की मदद से लोग इन परिस्थितियों का सामना करते हैं। अपने समूह में पाठ से जुड़े उदाहरण जोड़ें।

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चर्चा में कहा जा सकता है कि आर्थिक कठिनाई, बीमारी, परिवार की जिम्मेदारियाँ और कम सामाजिक सहारा आम लोगों का जीवन कठिन बनाते हैं। फिर भी प्रेम, धैर्य और एक-दूसरे की मदद से लोग इन परिस्थितियों का सामना करते हैं। अपने समूह में पाठ से जुड़े उदाहरण जोड़ें।

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