14 worked answers · short steps first, explanations when you need them
देवसेना का गीत
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 1
Question देवसेना का गीत, प्रश्न-अभ्यास
देवसेना के “भ्रमवश जीवन संचित” भाव का क्या अर्थ है?
Steps only
देवसेना सोचती है कि उसने अपने जीवन की शक्ति और आशाएँ गलत दिशा में लगा दीं। अब पीछे मुड़कर देखने पर उसे लगता है कि उसकी मेहनत और भावनात्मक समर्पण से वह सुख नहीं पा सकी।
Answer
देवसेना सोचती है कि उसने अपने जीवन की शक्ति और आशाएँ गलत दिशा में लगा दीं। अब पीछे मुड़कर देखने पर उसे लगता है कि उसकी मेहनत और भावनात्मक समर्पण से वह सुख नहीं पा सकी।
Question देवसेना का गीत, प्रश्न-अभ्यास
देवसेना ने आशा को “बावली” क्यों कहा है?
Steps only
उसकी आशा अब भी ऐसे सुख की प्रतीक्षा करती है जिसकी संभावना बहुत कम है। इसलिए वह आशा को विवेक खो बैठी, यानी बावली कहती है।
Answer
उसकी आशा अब भी ऐसे सुख की प्रतीक्षा करती है जिसकी संभावना बहुत कम है। इसलिए वह आशा को विवेक खो बैठी, यानी बावली कहती है।
Question देवसेना का गीत, प्रश्न-अभ्यास
“दुर्बल पद-बल” और “हारी होड़” में कौन-सी व्यंजना है?
Steps only
“दुर्बल पद-बल” देवसेना की सीमित शक्ति और असमर्थता का संकेत है। “हारी होड़” बताता है कि कमजोर होने पर भी उसने विपत्ति से संघर्ष किया, पर अंततः वह उसे जीत नहीं सकी।
Answer
“दुर्बल पद-बल” देवसेना की सीमित शक्ति और असमर्थता का संकेत है। “हारी होड़” बताता है कि कमजोर होने पर भी उसने विपत्ति से संघर्ष किया, पर अंततः वह उसे जीत नहीं सकी।
Question देवसेना का गीत, प्रश्न-अभ्यास
देवसेना के गीत में स्वप्न, वन-छाया और राग वाले अंश का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
Steps only
यहाँ थके हुए स्वप्नों की मधुर कल्पना, घने वन की छाया और अनजान पथिक के कानों में उठता राग एक स्वप्निल वातावरण बनाते हैं। इसमें सुंदरता के साथ थकान और विरह भी है।
Answer
यहाँ थके हुए स्वप्नों की मधुर कल्पना, घने वन की छाया और अनजान पथिक के कानों में उठता राग एक स्वप्निल वातावरण बनाते हैं। इसमें सुंदरता के साथ थकान और विरह भी है।
Question देवसेना का गीत, प्रश्न-अभ्यास
देवसेना के गीत में अपनी थाती लौटाने और मन की लाज वाले अंश का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
Steps only
देवसेना अपनी करुणा और भावनात्मक बोझ को अब सँभाल न पाने की बात कहती है। “थाती” मन की अनमोल धरोहर का प्रतीक है, जिसे वह लौटाना चाहती है।
Answer
देवसेना अपनी करुणा और भावनात्मक बोझ को अब सँभाल न पाने की बात कहती है। “थाती” मन की अनमोल धरोहर का प्रतीक है, जिसे वह लौटाना चाहती है।
Question देवसेना का गीत, प्रश्न-अभ्यास
देवसेना की हार और निराशा के कारण क्या हैं?
Steps only
उसका प्रिय उसे समय पर नहीं मिला, परिवार और राज्य के संकट ने जीवन को कठिन बनाया, और उसने अपनी आशाएँ पूरी न होने पर भी लंबे समय तक संघर्ष किया। अब थकान और बीते निर्णयों का पछतावा उसकी निराशा के कारण हैं।
Answer
उसका प्रिय उसे समय पर नहीं मिला, परिवार और राज्य के संकट ने जीवन को कठिन बनाया, और उसने अपनी आशाएँ पूरी न होने पर भी लंबे समय तक संघर्ष किया। अब थकान और बीते निर्णयों का पछतावा उसकी निराशा के कारण हैं।
कार्नेलिया का गीत
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 1
Question कार्नेलिया का गीत, प्रश्न-अभ्यास
कार्नेलिया का गीत भारत की किन विशेषताओं की ओर संकेत करता है?
Steps only
गीत भारत की प्राकृतिक सुंदरता, जीवनदायिनी प्रकृति और उदार आतिथ्य को दिखाता है। यहाँ अनजान व्यक्ति को भी सहारा मिलता है और दूर से आए पक्षी इसे अपना आश्रय मानते हैं।
Answer
गीत भारत की प्राकृतिक सुंदरता, जीवनदायिनी प्रकृति और उदार आतिथ्य को दिखाता है। यहाँ अनजान व्यक्ति को भी सहारा मिलता है और दूर से आए पक्षी इसे अपना आश्रय मानते हैं।
Question कार्नेलिया का गीत, प्रश्न-अभ्यास
“उड़ते खग” और “बरसाती आँखों के बादल” से क्या व्यंजित होता है?
Steps only
उड़ते पक्षी अपने प्रिय घोंसले की ओर लौटने और आश्रय पाने की इच्छा का संकेत हैं। बरसाती बादल करुणा और भावनाओं से भरे हृदय का प्रतीक हैं।
Answer
उड़ते पक्षी अपने प्रिय घोंसले की ओर लौटने और आश्रय पाने की इच्छा का संकेत हैं। बरसाती बादल करुणा और भावनाओं से भरे हृदय का प्रतीक हैं।
Question कार्नेलिया का गीत, प्रश्न-अभ्यास
उषा और तारों वाले अंश का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
Steps only
उषा को स्वर्ण-कलश लेकर सुख बाँटने वाली उदार शक्ति के रूप में दिखाया गया है। रातभर जागते तारों की तुलना ऐसे लोगों से है जो सुबह होते ही शांत होकर सो जाते हैं।
Answer
उषा को स्वर्ण-कलश लेकर सुख बाँटने वाली उदार शक्ति के रूप में दिखाया गया है। रातभर जागते तारों की तुलना ऐसे लोगों से है जो सुबह होते ही शांत होकर सो जाते हैं।
Question कार्नेलिया का गीत, प्रश्न-अभ्यास
“जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा” का आशय क्या है?
Steps only
भारत ऐसा स्थान है जहाँ दूर से आया या अनजान व्यक्ति भी अपनापन और आश्रय पा सकता है। यह पंक्ति देश की उदारता और अतिथि-सत्कार का भाव प्रकट करती है।
Answer
भारत ऐसा स्थान है जहाँ दूर से आया या अनजान व्यक्ति भी अपनापन और आश्रय पा सकता है। यह पंक्ति देश की उदारता और अतिथि-सत्कार का भाव प्रकट करती है।
Question कार्नेलिया का गीत, प्रश्न-अभ्यास
कार्नेलिया के गीत में व्यक्त प्रकृति-चित्र अपने शब्दों में लिखिए।
Steps only
गीत में लालिमा से भरी सुबह, जल और कमलों की चमक, पेड़ों की हरियाली, सुगंधित मंद हवा, घोंसले की ओर उड़ते पक्षी, करुणा से भरे बादल और लहरों को किनारा मिलता दिखाई देता है।
Answer
गीत में लालिमा से भरी सुबह, जल और कमलों की चमक, पेड़ों की हरियाली, सुगंधित मंद हवा, घोंसले की ओर उड़ते पक्षी, करुणा से भरे बादल और लहरों को किनारा मिलता दिखाई देता है।
योग्यता-विस्तार
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 1
Question योग्यता-विस्तार
भोर का दृश्य देखकर अपने अनुभव काव्यात्मक शैली में लिखिए।
Steps only
भोर की हल्की रोशनी खिड़की से भीतर आई। पेड़ों पर पक्षियों की आवाज़ सुनाई दी और ठंडी हवा ने रात की थकान कम कर दी। धीरे-धीरे आकाश उजला हुआ और नया दिन शुरू हुआ।
Answer
भोर की हल्की रोशनी खिड़की से भीतर आई। पेड़ों पर पक्षियों की आवाज़ सुनाई दी और ठंडी हवा ने रात की थकान कम कर दी। धीरे-धीरे आकाश उजला हुआ और नया दिन शुरू हुआ।
Question योग्यता-विस्तार
जयशंकर प्रसाद की “आँसू” पढ़ने के बाद उसका संक्षिप्त परिचय तैयार कीजिए।
Steps only
“आँसू” जयशंकर प्रसाद का काव्य-ग्रंथ है। इसे पढ़ते समय विरह, स्मृति, करुणा और मन की संवेदनाओं के भाव पर ध्यान दें। अपने चुने संस्करण का प्रकाशन-स्रोत और पाठनोट भी लिखें।
Answer
“आँसू” जयशंकर प्रसाद का काव्य-ग्रंथ है। इसे पढ़ते समय विरह, स्मृति, करुणा और मन की संवेदनाओं के भाव पर ध्यान दें। अपने चुने संस्करण का प्रकाशन-स्रोत और पाठनोट भी लिखें।
Question योग्यता-विस्तार
प्रसाद की देश-प्रेम कविता और दिनकर की हिमालय-कविता का कक्षा में वाचन कीजिए।
Steps only
वाचन से पहले दोनों कविताओं का रचनाकार और स्रोत बताएं। स्पष्ट उच्चारण और उचित विराम रखें। अंत में अपने शब्दों में बताएं कि दोनों रचनाओं में देश या प्रकृति का भाव कैसे व्यक्त होता है।
Answer
वाचन से पहले दोनों कविताओं का रचनाकार और स्रोत बताएं। स्पष्ट उच्चारण और उचित विराम रखें। अंत में अपने शब्दों में बताएं कि दोनों रचनाओं में देश या प्रकृति का भाव कैसे व्यक्त होता है।