16 worked answers · short steps first, explanations when you need them
प्रश्न-अभ्यास
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 1, अध्याय 11
Question प्रश्न-अभ्यास, q1
“हँसी की चोट” सवैये में कवि ने किन पंच तत्त्वों का वर्णन किया है तथा वियोग में वे किस प्रकार विदा होते हैं?
Steps only
कवि ने वायु, जल, तेज, पृथ्वी और आकाश का संकेत किया है। विरह में नायिका की साँसें कमजोर होती हैं, आँसू सूखते हैं और शरीर कृश हो जाता है। प्रिय से मिलने की आशा ही उसके जीवन को थामे रहती है।
Answer
कवि ने वायु, जल, तेज, पृथ्वी और आकाश का संकेत किया है। विरह में नायिका की साँसें कमजोर होती हैं, आँसू सूखते हैं और शरीर कृश हो जाता है। प्रिय से मिलने की आशा ही उसके जीवन को थामे रहती है।
Question प्रश्न-अभ्यास, q2
नायिका सपने में क्यों प्रसन्न थी और वह सपना कैसे टूट गया?
Steps only
नायिका प्रसन्न थी क्योंकि सपने में कृष्ण ने उसे वर्षा में झूला झूलने के लिए बुलाया। वह उठने लगी तो नींद खुल गई। कृष्ण और बादल कहीं नहीं थे; उसकी आँखों में केवल आँसू थे।
Answer
नायिका प्रसन्न थी क्योंकि सपने में कृष्ण ने उसे वर्षा में झूला झूलने के लिए बुलाया। वह उठने लगी तो नींद खुल गई। कृष्ण और बादल कहीं नहीं थे; उसकी आँखों में केवल आँसू थे।
Question प्रश्न-अभ्यास, q3
“सपना” कवित्त का भाव-सौंदर्य लिखिए।
Steps only
कवित्त में वर्षा, बादल और प्रिय के साथ झूले का सुंदर दृश्य है। सपने का अचानक टूटना मिलन की खुशी को विरह के दुख में बदल देता है।
Answer
कवित्त में वर्षा, बादल और प्रिय के साथ झूले का सुंदर दृश्य है। सपने का अचानक टूटना मिलन की खुशी को विरह के दुख में बदल देता है।
Question प्रश्न-अभ्यास, q4
“दरबार” सवैये में किस प्रकार के वातावरण का वर्णन किया गया है?
Steps only
यहाँ ऐसा अव्यवस्थित दरबार है जहाँ शासक सही बात समझना नहीं चाहता, दरबारी चुप रहते हैं और सभा में विवेक तथा कला की कद्र नहीं होती।
Answer
यहाँ ऐसा अव्यवस्थित दरबार है जहाँ शासक सही बात समझना नहीं चाहता, दरबारी चुप रहते हैं और सभा में विवेक तथा कला की कद्र नहीं होती।
Question प्रश्न-अभ्यास, q5
दरबार में गुणग्राहकता और कला की परख को किस प्रकार अनदेखा किया जाता है?
Steps only
शासक और सभा जब समझने-सुनने को तैयार न हों, तो वे कलाकार की असली प्रतिभा नहीं पहचानते। चापलूसी और अपनी पसंद को खुश करना कला की परख पर भारी पड़ता है।
Answer
शासक और सभा जब समझने-सुनने को तैयार न हों, तो वे कलाकार की असली प्रतिभा नहीं पहचानते। चापलूसी और अपनी पसंद को खुश करना कला की परख पर भारी पड़ता है।
Question प्रश्न-अभ्यास, q6a
“हेरि हियो जु लियो हरि” का भाव स्पष्ट कीजिए।
Steps only
कृष्ण ने मुसकराकर नायिका की ओर देखा और उसका हृदय जीत लिया। अब वह उनके प्रेम और विरह में डूबी है।
Answer
कृष्ण ने मुसकराकर नायिका की ओर देखा और उसका हृदय जीत लिया। अब वह उनके प्रेम और विरह में डूबी है।
Question प्रश्न-अभ्यास, q6b
“सोए गए भाग मेरे जानि वा जगन में” का भाव स्पष्ट कीजिए।
Steps only
नायिका कहती है कि जैसे ही वह सपने से जागी, उसका सौभाग्य भी सो गया। जागने पर प्रिय और सपने का सुख दोनों नहीं रहे।
Answer
नायिका कहती है कि जैसे ही वह सपने से जागी, उसका सौभाग्य भी सो गया। जागने पर प्रिय और सपने का सुख दोनों नहीं रहे।
Question प्रश्न-अभ्यास, q6c
“वेई छाई बूँदें मेरे आँसु ह्वै दृगन में” का भाव स्पष्ट कीजिए।
Steps only
सपने में जो वर्षा की बूँदें दिखाई देती थीं, जागने पर वे नायिका की आँखों के आँसू बन गईं। यह उसकी विरह-पीड़ा बताता है।
Answer
सपने में जो वर्षा की बूँदें दिखाई देती थीं, जागने पर वे नायिका की आँखों के आँसू बन गईं। यह उसकी विरह-पीड़ा बताता है।
Question प्रश्न-अभ्यास, q6d
“साहिब अंध, मुसाहिब मूक, सभा बहिरी” का भाव स्पष्ट कीजिए।
Steps only
कवि के अनुसार शासक सही बात नहीं देखता, उसके सलाहकार सच नहीं बोलते और सभा किसी उपयोगी बात को सुनती नहीं। यह अन्यायपूर्ण दरबारी माहौल का व्यंग्य है।
Answer
कवि के अनुसार शासक सही बात नहीं देखता, उसके सलाहकार सच नहीं बोलते और सभा किसी उपयोगी बात को सुनती नहीं। यह अन्यायपूर्ण दरबारी माहौल का व्यंग्य है।
Question प्रश्न-अभ्यास, q7
देव ने दरबारी चाटुकारिता और दंभपूर्ण वातावरण पर किस प्रकार व्यंग्य किया है?
Steps only
देव ने दरबार को अंधे शासक, चुप सलाहकार और बहरी सभा के रूप में दिखाया है। वहाँ सच्ची सलाह और कला की कद्र नहीं, बल्कि शासक को खुश करने की चापलूसी चलती है।
Answer
देव ने दरबार को अंधे शासक, चुप सलाहकार और बहरी सभा के रूप में दिखाया है। वहाँ सच्ची सलाह और कला की कद्र नहीं, बल्कि शासक को खुश करने की चापलूसी चलती है।
Question प्रश्न-अभ्यास, q8a
“साँसनि ही सौं समीर गयो अरु, आँसुन ही सब नीर गयो ढरि…” की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
Steps only
यह “हँसी की चोट” सवैये का अंश है। नायिका के विरह में साँसें और आँसू जैसे समाप्त हो गए हैं; शरीर का तेज और भराव भी घट गया है। मिलने की आशा ही बची है।
Answer
यह “हँसी की चोट” सवैये का अंश है। नायिका के विरह में साँसें और आँसू जैसे समाप्त हो गए हैं; शरीर का तेज और भराव भी घट गया है। मिलने की आशा ही बची है।
Question प्रश्न-अभ्यास, q8b
“झहरि-झहरि झीनी बूँद हैं परति मानो, घहरी-घहरी घटा घेरी है गगन में” की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
Steps only
यह “सपना” कवित्त का अंश है। इसमें हल्की वर्षा और घने बादलों का दृश्य है, जिसके बीच नायिका प्रिय के साथ झूला झूलने का सपना देखती है।
Answer
यह “सपना” कवित्त का अंश है। इसमें हल्की वर्षा और घने बादलों का दृश्य है, जिसके बीच नायिका प्रिय के साथ झूला झूलने का सपना देखती है।
Question प्रश्न-अभ्यास, q8c
“साहिब अंध… नाच्यो” की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
Steps only
यह “दरबार” सवैये का अंश है। कवि ऐसे दरबार पर व्यंग्य करते हैं जहाँ राजा नहीं समझता, दरबारी नहीं बोलते और कलाकार को सारी रात अपनी कला छोड़कर मन बहलाना पड़ता है।
Answer
यह “दरबार” सवैये का अंश है। कवि ऐसे दरबार पर व्यंग्य करते हैं जहाँ राजा नहीं समझता, दरबारी नहीं बोलते और कलाकार को सारी रात अपनी कला छोड़कर मन बहलाना पड़ता है।
Question प्रश्न-अभ्यास, q9
पठित पदों से देव के अलंकार और भाषा-प्रयोग के कुछ उदाहरण दीजिए।
Steps only
“हँसी की चोट” में अनुप्रास और यमक का प्रभाव है। “सपना” में वर्षा और बादलों के दृश्यात्मक बिंब हैं। “दरबार” में अंधे साहिब, मूक मुसाहिब और बहरी सभा रूपक तथा व्यंग्य के उदाहरण हैं। ब्रजभाषा और लय पदों को संगीतात्मक बनाते हैं।
Answer
“हँसी की चोट” में अनुप्रास और यमक का प्रभाव है। “सपना” में वर्षा और बादलों के दृश्यात्मक बिंब हैं। “दरबार” में अंधे साहिब, मूक मुसाहिब और बहरी सभा रूपक तथा व्यंग्य के उदाहरण हैं। ब्रजभाषा और लय पदों को संगीतात्मक बनाते हैं।
योग्यता-विस्तार
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 1, अध्याय 11
Question योग्यता-विस्तार, extra1
“दरबार” सवैये की भारतेंदु के “अंधेर नगरी” से तुलना कीजिए।
Steps only
दोनों रचनाएँ अव्यवस्थित सत्ता और गलत निर्णयों पर व्यंग्य करती हैं। देव का सवैया दरबार की चापलूसी और कला की उपेक्षा दिखाता है; “अंधेर नगरी” में भी शासन की मूर्खता के परिणाम सामने आते हैं।
Answer
दोनों रचनाएँ अव्यवस्थित सत्ता और गलत निर्णयों पर व्यंग्य करती हैं। देव का सवैया दरबार की चापलूसी और कला की उपेक्षा दिखाता है; “अंधेर नगरी” में भी शासन की मूर्खता के परिणाम सामने आते हैं।
Question योग्यता-विस्तार, extra2
देव जैसी भाषा का प्रयोग करने वाले किसी अन्य कवि की रचनाएँ संकलित कीजिए।
Steps only
यह खोज-आधारित गतिविधि है। रीतिकाल के किसी कवि—जैसे बिहारी—की दो छोटी रचनाएँ चुनें और उनमें ब्रजभाषा, लय, अलंकार तथा प्रेम-सौंदर्य के चित्रों को नोट करें।
Answer
यह खोज-आधारित गतिविधि है। रीतिकाल के किसी कवि—जैसे बिहारी—की दो छोटी रचनाएँ चुनें और उनमें ब्रजभाषा, लय, अलंकार तथा प्रेम-सौंदर्य के चित्रों को नोट करें।