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कक्षा 11 · Antra · अध्याय 12

संध्या के बाद — सुमित्रानंदन पंत

ग्राम्य संध्या, ग्रामीण जीवन की कठिनाइयों और समानता की कवि-कल्पना को सरल उत्तरों से समझें।

21 उत्तरसरल हिंदी

21 worked answers · short steps first, explanations when you need them

प्रश्न-अभ्यास

Textbook pages NCERT अंतरा भाग 1, अध्याय 12

Question प्रश्न-अभ्यास, q1

संध्या के समय प्रकृति में क्या-क्या परिवर्तन होते हैं?

Steps only

सूर्य ढलने पर आकाश की लालिमा पेड़ों की चोटियों पर सिमटती है। नदी और रेत पर सुनहरे, नीले और धूप-छाँह के रंग दिखाई देते हैं। धीरे-धीरे पक्षी और पशु लौटते हैं, रोशनी कम होती है और रात का अँधेरा फैल जाता है।

Answer

सूर्य ढलने पर आकाश की लालिमा पेड़ों की चोटियों पर सिमटती है। नदी और रेत पर सुनहरे, नीले और धूप-छाँह के रंग दिखाई देते हैं। धीरे-धीरे पक्षी और पशु लौटते हैं, रोशनी कम होती है और रात का अँधेरा फैल जाता है।

Question प्रश्न-अभ्यास, q2

पंत जी ने नदी के तट का जो वर्णन किया है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।

Steps only

डूबते सूर्य की रोशनी नदी के जल और रेत को रंगीन बना देती है। हवा से रेत पर लहरदार आकृतियाँ बनती हैं और पानी में नीली लहरें चमकती हैं। मंदिर के शंख-घंटे और तट पर बैठी वृद्धाएँ इस दृश्य को शांत और भावपूर्ण बनाते हैं।

Answer

डूबते सूर्य की रोशनी नदी के जल और रेत को रंगीन बना देती है। हवा से रेत पर लहरदार आकृतियाँ बनती हैं और पानी में नीली लहरें चमकती हैं। मंदिर के शंख-घंटे और तट पर बैठी वृद्धाएँ इस दृश्य को शांत और भावपूर्ण बनाते हैं।

Question प्रश्न-अभ्यास, q3

छोटी बस्ती के अवसाद को किन उपकरणों द्वारा व्यक्त किया गया है?

Steps only

कम रोशनी देने वाली धुँआती ढिबरी, छोटी दुकानों का धुँआ, थके और चिंतित लोग, कातर मन तथा गहरी नींद का अँधेरा—इन चित्रों से बस्ती का दुख और ठहराव व्यक्त हुआ है।

Answer

कम रोशनी देने वाली धुँआती ढिबरी, छोटी दुकानों का धुँआ, थके और चिंतित लोग, कातर मन तथा गहरी नींद का अँधेरा—इन चित्रों से बस्ती का दुख और ठहराव व्यक्त हुआ है।

Question प्रश्न-अभ्यास, q4

लाला के मन में उठनेवाली दुविधा को अपने शब्दों में लिखिए।

Steps only

लाला सोचता है कि मेहनत और ईमानदारी के बावजूद उसका परिवार अभाव में है। वह पूछता है कि क्या वह भी शहर के महाजन जैसा धनवान बन सकता है और ऐसी व्यवस्था क्यों न हो जिसमें कमाई काम और गुण के अनुसार बाँटी जाए।

Answer

लाला सोचता है कि मेहनत और ईमानदारी के बावजूद उसका परिवार अभाव में है। वह पूछता है कि क्या वह भी शहर के महाजन जैसा धनवान बन सकता है और ऐसी व्यवस्था क्यों न हो जिसमें कमाई काम और गुण के अनुसार बाँटी जाए।

Question प्रश्न-अभ्यास, q5

सामाजिक समानता की छवि किस तरह अभिव्यक्त हुई है?

Steps only

कवि ऐसे समाज की कल्पना करता है जहाँ आय और खर्च का बँटवारा काम और गुण के अनुसार हो, लोगों का श्रम सबके हित में लगे और कोई किसी का शोषण न करे।

Answer

कवि ऐसे समाज की कल्पना करता है जहाँ आय और खर्च का बँटवारा काम और गुण के अनुसार हो, लोगों का श्रम सबके हित में लगे और कोई किसी का शोषण न करे।

Question प्रश्न-अभ्यास, q6

“कर्म और गुण के समान ही सकल आय-व्यय का हो वितरण” से कवि किस समाज की ओर संकेत करता है?

Steps only

कवि ऐसे न्यायपूर्ण समाज की बात करता है जिसमें आय और संसाधनों का बँटवारा व्यक्ति के काम और योग्यता के अनुरूप हो। इससे मेहनत का सम्मान हो और कुछ लोगों के पास ही सारी संपत्ति न जमा हो।

Answer

कवि ऐसे न्यायपूर्ण समाज की बात करता है जिसमें आय और संसाधनों का बँटवारा व्यक्ति के काम और योग्यता के अनुरूप हो। इससे मेहनत का सम्मान हो और कुछ लोगों के पास ही सारी संपत्ति न जमा हो।

Question प्रश्न-अभ्यास, q7

वृद्धाओं और विधवाओं वाले अंश का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।

Steps only

तट पर ध्यान करती वृद्धाओं की तुलना बगुलों से की गई है। नदी की धीमी धारा उनके अनकहे दुख की तरह बहती प्रतीत होती है। दृश्य शांत है, पर उसमें करुणा और सामाजिक संवेदना भी है।

Answer

तट पर ध्यान करती वृद्धाओं की तुलना बगुलों से की गई है। नदी की धीमी धारा उनके अनकहे दुख की तरह बहती प्रतीत होती है। दृश्य शांत है, पर उसमें करुणा और सामाजिक संवेदना भी है।

Question प्रश्न-अभ्यास, q8a

“ताम्रपर्ण पीपल से, शतमुख / झरते चंचल स्वर्णिम निर्झर” का आशय स्पष्ट कीजिए।

Steps only

सूर्यास्त की लालिमा में पीपल के ताँबे जैसे पत्तों से सुनहरी रोशनी झरनों की तरह चमकती दिखती है।

Answer

सूर्यास्त की लालिमा में पीपल के ताँबे जैसे पत्तों से सुनहरी रोशनी झरनों की तरह चमकती दिखती है।

Question प्रश्न-अभ्यास, q8b

“दीप शिखा-सा ज्वलित कलश / नभ में उठकर करता नीराजन” का आशय बताइए।

Steps only

मंदिर का चमकता कलश आकाश की पृष्ठभूमि में दीपक की लौ जैसा दिखता है, मानो वह आकाश की आरती कर रहा हो।

Answer

मंदिर का चमकता कलश आकाश की पृष्ठभूमि में दीपक की लौ जैसा दिखता है, मानो वह आकाश की आरती कर रहा हो।

Question प्रश्न-अभ्यास, q8c

“सोन खगों की पाँति / आर्द्र ध्वनि से नीरव नभ करती मुखरित” का आशय बताइए।

Steps only

सोन-पक्षियों की कतार आकाश में उड़ती है। उनकी भावपूर्ण आवाज़ शांत आकाश के सन्नाटे को भर देती है।

Answer

सोन-पक्षियों की कतार आकाश में उड़ती है। उनकी भावपूर्ण आवाज़ शांत आकाश के सन्नाटे को भर देती है।

Question प्रश्न-अभ्यास, q8d

“मन से कढ़ अवसाद श्रांति / आँखों के आगे बुनती जाला” का आशय बताइए।

Steps only

मन की उदासी और थकान इतनी बढ़ गई है कि व्यक्ति को वे धुँधले जाल की तरह अपने सामने छाई लगती हैं।

Answer

मन की उदासी और थकान इतनी बढ़ गई है कि व्यक्ति को वे धुँधले जाल की तरह अपने सामने छाई लगती हैं।

Question प्रश्न-अभ्यास, q8e

“क्षीण ज्योति ने चुपके ज्यों / गोपन मन को दे दी हो भाषा” का आशय बताइए।

Steps only

ढिबरी की कमज़ोर रोशनी में लोगों के मन की छिपी चिंता और दुख जैसे दिखाई देने लगते हैं।

Answer

ढिबरी की कमज़ोर रोशनी में लोगों के मन की छिपी चिंता और दुख जैसे दिखाई देने लगते हैं।

Question प्रश्न-अभ्यास, q8f

“बिना आय की क्लांति बन रही / उसके जीवन की परिभाषा” का आशय बताइए।

Steps only

स्थिर या बहुत कम आमदनी के कारण लाला का जीवन लगातार थकान और अभाव से घिरा है। उसकी पहचान जैसे इसी संघर्ष से बन गई है।

Answer

स्थिर या बहुत कम आमदनी के कारण लाला का जीवन लगातार थकान और अभाव से घिरा है। उसकी पहचान जैसे इसी संघर्ष से बन गई है।

Question प्रश्न-अभ्यास, q8g

“व्यक्ति नहीं, जग की परिपाटी / दोषी जन के दुःख-क्लेश की” का आशय बताइए।

Steps only

कवि कहता है कि लोगों के दुख का कारण केवल कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज की अन्यायपूर्ण व्यवस्था भी है।

Answer

कवि कहता है कि लोगों के दुख का कारण केवल कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज की अन्यायपूर्ण व्यवस्था भी है।

योग्यता-विस्तार

Textbook pages NCERT अंतरा भाग 1, अध्याय 12

Question योग्यता-विस्तार, extra1

ग्राम्य जीवन से संबंधित कविताओं का संकलन कीजिए।

Steps only

यह खोज और संकलन की गतिविधि है। पाठ्यपुस्तक या पुस्तकालय से गाँव, खेत, किसान, प्रकृति या ग्रामीण श्रम पर लिखी कविताएँ चुनें। हर कविता के साथ कवि, पुस्तक और स्रोत लिखें।

Answer

यह खोज और संकलन की गतिविधि है। पाठ्यपुस्तक या पुस्तकालय से गाँव, खेत, किसान, प्रकृति या ग्रामीण श्रम पर लिखी कविताएँ चुनें। हर कविता के साथ कवि, पुस्तक और स्रोत लिखें।

Question योग्यता-विस्तार, extra2a

“ज्योति स्तंभ-सा” किसके लिए आया है?

Steps only

डूबते हुए सूर्य के लिए।

Answer

डूबते हुए सूर्य के लिए।

Question योग्यता-विस्तार, extra2b

“केंचुल-सा” किसके लिए आया है?

Steps only

चितकबरे गंगाजल के लिए।

Answer

चितकबरे गंगाजल के लिए।

Question योग्यता-विस्तार, extra2c

“दीपशिखा-सा” किसके लिए आया है?

Steps only

मंदिर के चमकते कलश के लिए।

Answer

मंदिर के चमकते कलश के लिए।

Question योग्यता-विस्तार, extra2d

“बगुलों-सी” किसके लिए आया है?

Steps only

तट पर बैठी वृद्धाओं के लिए।

Answer

तट पर बैठी वृद्धाओं के लिए।

Question योग्यता-विस्तार, extra2e

“स्वर्ण चूर्ण-सी” किसके लिए आया है?

Steps only

गोधूलि में उड़ती धूल के लिए।

Answer

गोधूलि में उड़ती धूल के लिए।

Question योग्यता-विस्तार, extra2f

“सनन् तीर-सा” किसके लिए आया है?

Steps only

तेजी से उड़ते पक्षियों के समूह और उनके स्वर के लिए—वे आकाश में तीर की तरह जाते दिखते हैं।

Answer

तेजी से उड़ते पक्षियों के समूह और उनके स्वर के लिए—वे आकाश में तीर की तरह जाते दिखते हैं।

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