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कक्षा 9 · Ganga · अध्याय 9

राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

सभा के संवाद, पात्रों के स्वभाव, काव्य-सौंदर्य और भाषा-अभ्यास के सरल उत्तर।

32 उत्तरसरल हिंदी

32 worked answers · short steps first, explanations when you need them

संवाद और अभ्यास के उत्तर

Textbook pages NCERT गंगा, अध्याय 9

Question मेरे उत्तर मेरे तर्क, प्रश्न 1

राजाओं द्वारा परिचय देना और प्रणाम करना किस मनःस्थिति को दिखाता है?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

उत्तर: (ग) भय और शिष्टाचार। परशुराम के क्रोधी स्वभाव से सभा के लोग डरते हैं, फिर भी वे नियम के अनुसार प्रणाम करते हैं।

Question मेरे उत्तर मेरे तर्क, प्रश्न 2

जनक द्वारा सीता को बुलाकर प्रणाम करवाना उनके किस गुण को दिखाता है?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

उत्तर: (ख) शिष्टता। जनक स्वयं भी आदर से प्रणाम करते हैं और सीता से भी सम्मानपूर्वक अभिवादन करवाते हैं।

Question मेरे उत्तर मेरे तर्क, प्रश्न 3

जनक से कठोरता से बोलने का परशुराम का मुख्य कारण क्या था?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

उत्तर: (ग) शिव-धनुष का टूटना। परशुराम इसे अपने आराध्य शिव के धनुष का अपमान समझते हैं।

Question मेरे उत्तर मेरे तर्क, प्रश्न 4

राम के अपने को परशुराम का सेवक कहने से कौन-सा गुण प्रकट होता है?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

उत्तर: (ख) विनम्रता और मर्यादा। तनाव के समय भी राम आदर से बात करते हैं।

Question मेरे उत्तर मेरे तर्क, प्रश्न 5

लक्ष्मण मुसकराकर व्यंग्यपूर्ण उत्तर क्यों देते हैं?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

उत्तर: (घ) वे परशुराम को चुनौती देना चाहते हैं। उनके उत्तर से उनका निर्भीक और तीखा स्वभाव सामने आता है।

Question मेरी समझ मेरे विचार, प्रश्न 1

कविता में एक क्षण को कल्प-सा लंबा बताने का क्या भाव है और यह किसके संदर्भ में है?

Steps only

परशुराम का क्रोध सुनकर सीता भयभीत है; इसलिए आधा क्षण भी बहुत लंबा लगता है।

Answer

यह सीता की मनःस्थिति है; वह भय और चिंता में समय को बहुत लंबा अनुभव करती है।

Question मेरी समझ मेरे विचार, प्रश्न 2

परशुराम की धमकी का सभा में उपस्थित राजाओं पर क्या प्रभाव पड़ा होगा?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

राजा भयभीत और असहाय हो गए होंगे। उन्हें लग सकता था कि विरोध करने पर सबकी जान को खतरा होगा। कुछ स्वार्थी राजा मन ही मन प्रसन्न भी हुए होंगे कि संकट का निशाना कोई दूसरा है।

Question मेरी समझ मेरे विचार, प्रश्न 3

परशुराम के क्रोध को शांत करने के लिए विनम्रता अधिक उपयोगी होगी या तर्क? कारण दीजिए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

पहले विनम्रता से बात करना उचित होगा, क्योंकि इससे सामने वाले का क्रोध कम हो सकता है। उसके बाद शांत और स्पष्ट तर्क से गलतफहमी दूर की जा सकती है। केवल व्यंग्य या चुनौती से विवाद बढ़ सकता है।

Question मेरी समझ मेरे विचार, प्रश्न 4

राम के न हर्षित न दुखी दिखाई देने से उनके व्यक्तित्व की क्या विशेषताएँ सामने आती हैं?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

राम कठिन परिस्थिति में भी धैर्य और आत्मसंयम रखते हैं। वे अपनी सफलता पर घमंड नहीं करते और क्रोधित व्यक्ति के सामने घबराते भी नहीं। यही संतुलन उन्हें सभा के दूसरे पात्रों से अलग बनाता है।

Question मेरी कल्पना मेरे अनुमान, प्रश्न 1

यदि आप सभा में उपस्थित राजा होते, तो परशुराम के आने से जाने तक की घटना अपने शब्दों में कैसे बताते?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

नमूना: धनुष टूटने के बाद सभा में चर्चा चल रही थी। तभी परशुराम क्रोध में आए और टूटे धनुष को देखकर राजाओं को चेताया। सभी डर गए। राम ने शांत भाव से बात की, जबकि लक्ष्मण ने व्यंग्य किया। राम ने स्थिति संभाली और अंत में परशुराम का क्रोध शांत हुआ।

Question मेरी कल्पना मेरे अनुमान, प्रश्न 2

जनक के चुप रहने पर कुछ राजा मन ही मन खुश क्यों हुए होंगे? इससे मानव-स्वभाव की कौन-सी बात दिखती है?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

उन्हें लगा होगा कि परशुराम का क्रोध अब जनक पर है, उन पर नहीं। यह स्वार्थी मनोवृत्ति दिखाता है—कभी-कभी लोग दूसरों की मुसीबत से राहत महसूस करते हैं, भले ही उन्हें मदद करनी चाहिए।

Question कविता का सौंदर्य, संवादों की विशेषता

राम की विनम्रता, परशुराम का क्रोध, लक्ष्मण का प्रत्युत्तर, पौराणिक संदर्भ और नाटकीयता के उदाहरण पहचानिए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

राम आदरपूर्वक बात करके विनम्रता दिखाते हैं। परशुराम की कठोर चेतावनी उनका क्रोध दिखाती है। लक्ष्मण के व्यंग्यपूर्ण उत्तर से उनका प्रत्युत्तर सामने आता है। शिव-धनुष और सहस्रबाहु के उल्लेख पौराणिक संदर्भ देते हैं। तेजी से बदलते संवाद तनाव और नाटकीयता पैदा करते हैं।

Question भाव-पहचान एवं विश्लेषण

कविता की पंक्तियों के आधार पर चिंता, क्रोध, व्यग्रता, भय, संयम/विनम्रता और ईर्ष्या/कुटिलता को पात्रों और उनके कारणों से जोड़िए।

Steps only

भाव को पात्र और कारण से जोड़ें: सुनयना—चिंता, परशुराम—क्रोध, सीता—व्यग्रता, राजा—भय, राम—संयम, कुछ राजा—कुटिल प्रसन्नता।

Answer

सुनयना—चिंता; परशुराम—क्रोध; सीता—व्यग्रता; सभा के राजा—भय; राम—संयम/विनम्रता; कुछ राजा—कुटिल प्रसन्नता। हर उत्तर के साथ संबंधित पंक्ति जोड़ें।

Question भाव-पहचान एवं विश्लेषण, मौन पर प्रश्न

परशुराम के प्रश्न पर जनक का मौन डर से था या सोच-समझकर लिया निर्णय? कारण सहित बताइए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

प्रसंग में जनक का मौन मुख्यतः भय और तनाव से जुड़ा लगता है, क्योंकि परशुराम क्रोध में सब राजाओं को दंड देने की धमकी देते हैं। साथ ही, जनक शायद विवाद को और भड़कने से रोकने के लिए सावधानी बरत रहे थे।

Question काव्य-पंक्ति और भाव, (क)

परशुराम की कठोर चुनौती मंच पर बोलते समय चेहरे और आवाज़ में कौन-सा भाव दिखाएँगे?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

चेहरे पर क्रोध और दृढ़ता, आवाज़ में कठोरता और तेज दिखाएँगे। अभिनय में धमकी को स्पष्ट रखें, पर सहपाठियों के प्रति वास्तविक आक्रामक व्यवहार न करें।

Question काव्य-पंक्ति और भाव, (ख)

परशुराम, जनक, लक्ष्मण, राम और सभा के राजाओं के लिए उपयुक्त भाव बताइए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

परशुराम—क्रोध; जनक—चिंता और संयम; लक्ष्मण—निर्भीकता और व्यंग्य; राम—धैर्य और विनम्रता; सभा के राजा—भय और बेचैनी। अभिनय या पाठ में इन भावों को आवाज़ और चेहरे से अलग-अलग दिखाएँ।

Question विषयों से संवाद, प्रश्न 1

दैनिक जीवन में किन परिस्थितियों में विनम्रता, मर्यादा, धैर्य और उदारता काम आते हैं?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

जब किसी से मतभेद हो, कोई गलती करे, समूह में निर्णय लेना हो या कोई नाराज़ हो, तब शांत सुनना और सम्मान से उत्तर देना उपयोगी है। इससे समस्या सुलझती है और किसी का अपमान नहीं होता।

Question विषयों से संवाद, प्रश्न 2

स्वयंवर की प्रथा बताने वाला कोई पौराणिक या ऐतिहासिक प्रसंग लिखिए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

नमूना: महाभारत में द्रौपदी के स्वयंवर में अनेक राजा और राजकुमार आए थे। प्रतियोगिता की शर्त पूरी करने वाले अर्जुन ने द्रौपदी का हाथ जीता। यह कथा स्वयंवर में चुनाव और परीक्षा की भूमिका का उदाहरण देती है।

Question सीता और सुनयना का मौन संवाद

परशुराम के क्रोध के समय सीता और सुनयना के बीच चल सकने वाला छोटा मौन संवाद लिखिए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

नमूना: सुनयना आँखों से सीता को धैर्य रखने का संकेत देती हैं। सीता उन्हें भरोसा दिलाती है कि राम शांत हैं और स्थिति संभाल लेंगे। दोनों चिंतित हैं, पर एक-दूसरे को साहस देती हैं।

Question सीता का दृष्टिकोण

सीता की दृष्टि से सभा में चल रहे विवाद का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

नमूना: धनुष टूटने के बाद सबकी निगाहें राम पर थीं। परशुराम का क्रोध देखकर मुझे चिंता हुई। लक्ष्मण के तीखे उत्तर से सभा में तनाव बढ़ा। राम शांत रहे और आदर से बोले। उनकी धीरता देखकर मुझे आशा हुई कि विवाद शांत हो जाएगा।

Question राजाओं का परिचय

सभा में परिचय देने की स्थिति हो तो अपने व्यक्तित्व की महत्त्वपूर्ण बातें कैसे बताएँगे?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

नमूना: मेरा नाम आरव है। मैं कक्षा 9 में पढ़ता हूँ। मुझे विज्ञान और कबड्डी पसंद हैं। मैं समूह में सबकी बात सुनता हूँ और अपना काम समय पर करने का प्रयास करता हूँ। परिचय में सच्ची और उपयोगी बातें रखें, बढ़ा-चढ़ाकर दावा न करें।

Question व्याकरण की बात, काव्य-विशेषताएँ

अनुप्रास, अतिशयोक्ति और रूपक के लिए कविता से उदाहरण कैसे चुनेंगे?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

अनुप्रास में एक जैसी ध्वनि की आवृत्ति खोजें; अतिशयोक्ति में बढ़ा-चढ़ाकर कही बात देखें; रूपक में एक वस्तु को सीधे दूसरी कहा जाता है। नमूना पहचान: समान ध्वनियों वाला संवाद अनुप्रास, क्षण को बहुत लंबा बताना अतिशयोक्ति, और चरणों को कमल कहना रूपक का उदाहरण है। पंक्तियाँ पुस्तक से सावधानीपूर्वक मिलाएँ।

Question बहुभाषिकता

कविता के अवधी शब्दों के खड़ी बोली रूप और अपनी भाषा के रूप लिखने का तरीका बताइए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

उदाहरण: कोही—क्रोधी; वेषु—वेष; बेगि—शीघ्र; जहँ—जहाँ; असीस—आशीर्वाद; लरिकाईं—बचपन की शरारतें। अपनी मातृभाषा के रूप घर के किसी जानकार या शिक्षक से जाँचें।

Question लोक में भाषा

मन, राम, राजा, बात और सिर में से शब्द चुनकर लोकोक्ति, अर्थ और अपना वाक्य दीजिए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

मन—“मन के हारे हार है, मन के जीते जीत”: आत्मविश्वास जरूरी है। वाक्य: कठिन सवाल देखकर भी उसने प्रयास किया—मन के जीते जीत। राम—“मुँह में राम, बगल में छुरी”: बाहर से अच्छा दिखना पर भीतर कपट रखना। वाक्य: वह मित्रता दिखाकर धोखा देता था; यह मुँह में राम, बगल में छुरी वाली बात है। बाकी शब्दों के लिए क्षेत्रीय लोकोक्तियाँ शिक्षक से जाँचें।

Question गद्य-रूप

सभा में जनक के मौन और लोगों की चिंता वाली चौपाई को सरल गद्य में लिखिए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

नमूना: जनक डर के कारण उत्तर नहीं दे पाए। कुछ दुष्ट राजा मन ही मन प्रसन्न हुए, जबकि ऋषि, देव, नाग, नगर के लोग, स्त्री और पुरुष सभी चिंता में थे। सभी के मन में भय छाया हुआ था।

Question गतिविधि, कथन-पात्र

तालिका के सभी आठ कथनों को राम, लक्ष्मण, परशुराम, जनक और सुनयना में पहचानकर मिलाइए।

Steps only

संकेत पहचानें: विनम्र सेवा—राम; चिंता—सुनयना; क्रोध—परशुराम; सभा का कारण—जनक; व्यंग्य—लक्ष्मण।

Answer

क्रम: राम, सुनयना, परशुराम, जनक, लक्ष्मण, राम, परशुराम, परशुराम।

Question गतिविधि, नाट्य-प्रस्तुति

इस प्रसंग का छोटा दृश्य मंचित करने के लिए ध्वनि, भाव, संगीत और वेशभूषा का उपयोग कैसे करेंगे?

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

दृश्य को तीन भागों में रखें: परशुराम का प्रवेश और क्रोध; राम का शांत उत्तर और लक्ष्मण का प्रत्युत्तर; राम के संयम से विवाद का शांत होना। भूमिकाएँ बाँटें, सरल प्रतीकात्मक वेश पहनें, सभा के तनाव के लिए धीमा संगीत रखें और संवादों को स्पष्ट बोलें। सुरक्षित, कम खर्च वाली वस्तुओं का उपयोग करें।

Question गतिविधि, चर्चा

“कठिन परिस्थिति में भी सच कहने का साहस जरूरी है”—इस पक्ष में चर्चा के बिंदु लिखिए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

सच से समस्या की असली वजह पता चलती है, भरोसा बनता है और गलती सुधारी जा सकती है। सच सम्मानपूर्वक और सुरक्षित ढंग से कहना चाहिए। यदि किसी को नुकसान का खतरा हो, तो भरोसेमंद बड़े या शिक्षक की सहायता लें।

Question मेरी पहेली

समाचार, धनुष, मन, नाग और नगर के उत्तर वाली छोटी पहेलियाँ बनाइए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

नमूने: (1) नई घटनाएँ सबको बताऊँ, देश-दुनिया का हाल सुनाऊँ—समाचार। (2) डोरी और लकड़ी साथ चले, तीर को लक्ष्य तक पहुँचा दे—धनुष। (3) सोचूँ, चाहूँ, डरूँ और मानूँ, शरीर में मैं कहाँ ठिकाना जानूँ—मन। (4) फन वाला सरीसृप—नाग। (5) बहुत लोगों का बड़ा बसाव—नगर।

Question भाषा संगम

‘धनुष’ शब्द का अपनी भाषा में रूप और वाक्य का अनुवाद लिखिए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

उदाहरण (पंजाबी): ਧਨੁਖ। वाक्य का नमूना: “ਗੁੱਸੇ ਨਾਲ ਬੋਲੇ, ਕਿਸ ਨੇ ਜਨਕ ਦਾ ਧਨੁਖ ਤੋੜਿਆ?” अपनी मातृभाषा में अनुवाद किसी जानकार से जाँचें।

Question खोजबीन

कविता का पाठ या मंचन देखते-सुनते समय किन बातों पर ध्यान दें?

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प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

ध्यान दें कि कौन-सा पात्र बोल रहा है, आवाज़ और चेहरे से कौन-सा भाव दिख रहा है, संवाद की गति कब तेज होती है और राम की शांत शैली परशुराम के क्रोध से कैसे अलग है। सुने हुए पाठ की नकल करने के बजाय अपनी समझ से टिप्पणी लिखें।

Question शब्द-संपदा

प्रसंग के कुछ अवधी और कठिन शब्दों के सरल अर्थ लिखिए।

Steps only

प्रसंग और पात्र का भाव पहचानकर मुख्य बात अपने शब्दों में लिखें।

Answer

कराल—भयानक; भूपाल—राजा; बहोरि—फिर; असीस—आशीर्वाद; लोचन—आँख; चापखंड—धनुष का टूटा भाग; रिस—क्रोध; बेगि—जल्दी; महि—पृथ्वी; त्रास—भय; आयसु—आज्ञा; बिलगाउ—अलग करना; परस—फरसा।

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