16 worked answers · short steps first, explanations when you need them
पाठ के साथ
Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 14
Question पाठ के साथ, q1
लेखक ने शिरीष को कालजयी अवधूत जैसा क्यों माना है?
Steps only
शिरीष तेज गर्मी, लू और दूसरे कठिन मौसम में भी फूलता रहता है। वह बदलती परिस्थितियों में हार नहीं मानता और अपना रस बनाए रखता है। इसीलिए लेखक उसे ऐसा संन्यासी मानते हैं जो सुख-दुख या लाभ-हानि से विचलित हुए बिना जीवंत रहता है।
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शिरीष तेज गर्मी, लू और दूसरे कठिन मौसम में भी फूलता रहता है। वह बदलती परिस्थितियों में हार नहीं मानता और अपना रस बनाए रखता है। इसीलिए लेखक उसे ऐसा संन्यासी मानते हैं जो सुख-दुख या लाभ-हानि से विचलित हुए बिना जीवंत रहता है।
Question पाठ के साथ, q2
हृदय की कोमलता बचाने के लिए व्यवहार में कठोरता कभी जरूरी क्यों हो सकती है?
Steps only
कोमल हृदय दूसरों का दुख समझता है, लेकिन हर माँग मान लेने से अपने या दूसरों के लिए नुकसान हो सकता है। उचित सीमा तय करना और गलत बात का विरोध करना दृढ़ व्यवहार है। इससे संवेदनशीलता बनी रहती है और उसका कोई अनुचित लाभ नहीं उठा पाता।
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कोमल हृदय दूसरों का दुख समझता है, लेकिन हर माँग मान लेने से अपने या दूसरों के लिए नुकसान हो सकता है। उचित सीमा तय करना और गलत बात का विरोध करना दृढ़ व्यवहार है। इससे संवेदनशीलता बनी रहती है और उसका कोई अनुचित लाभ नहीं उठा पाता।
Question पाठ के साथ, q3
शिरीष के उदाहरण से संघर्षपूर्ण स्थितियों में जिजीविषु बने रहने की क्या सीख मिलती है?
Steps only
शिरीष गर्मी और लू में भी हरा-भरा और फूलों से लदा रहता है। लेखक उसके माध्यम से कठिन परिस्थितियों में भी जीने की इच्छा, धैर्य और आशा बनाए रखने की सीख देते हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि कठिनाई को अनदेखा करें; बल्कि परिस्थिति बदलने के उपाय करते हुए हिम्मत न छोड़ें।
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शिरीष गर्मी और लू में भी हरा-भरा और फूलों से लदा रहता है। लेखक उसके माध्यम से कठिन परिस्थितियों में भी जीने की इच्छा, धैर्य और आशा बनाए रखने की सीख देते हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि कठिनाई को अनदेखा करें; बल्कि परिस्थिति बदलने के उपाय करते हुए हिम्मत न छोड़ें।
Question पाठ के साथ, q4
“हाय, वह अवधूत आज कहाँ है!” कहकर लेखक किस संकट की ओर संकेत करता है?
Steps only
लेखक महात्मा गांधी को याद करते हैं, जिन्होंने हिंसा और उथल-पुथल के बीच आत्मबल और सादगी बनाए रखी। उन्हें चिंता है कि आधुनिक समाज में शारीरिक शक्ति, धन और बाहरी वैभव को आत्मबल तथा नैतिक दृढ़ता से अधिक महत्व मिलने लगा है।
Answer
लेखक महात्मा गांधी को याद करते हैं, जिन्होंने हिंसा और उथल-पुथल के बीच आत्मबल और सादगी बनाए रखी। उन्हें चिंता है कि आधुनिक समाज में शारीरिक शक्ति, धन और बाहरी वैभव को आत्मबल तथा नैतिक दृढ़ता से अधिक महत्व मिलने लगा है।
Question पाठ के साथ, q5
लेखक के अनुसार कवि के लिए अनासक्त योगी की स्थिर बुद्धि और अनुभवी प्रेमी का हृदय दोनों क्यों जरूरी हैं?
Steps only
अनासक्ति कवि को लोभ और पक्षपात से बचाकर स्पष्ट दृष्टि देती है। प्रेम का अनुभवी हृदय उसे लोगों के सुख-दुख और सौंदर्य को गहराई से महसूस करना सिखाता है। दोनों गुण साथ हों, तो कविता में समझ भी आती है और संवेदना भी।
Answer
अनासक्ति कवि को लोभ और पक्षपात से बचाकर स्पष्ट दृष्टि देती है। प्रेम का अनुभवी हृदय उसे लोगों के सुख-दुख और सौंदर्य को गहराई से महसूस करना सिखाता है। दोनों गुण साथ हों, तो कविता में समझ भी आती है और संवेदना भी।
Question पाठ के साथ, q6
जड़ता छोड़कर बदलती परिस्थितियों के साथ चलना दीर्घजीविता में कैसे सहायक है?
Steps only
जो व्यक्ति या समाज समय के बदलाव को समझकर सीखता और अपने तरीकों में जरूरी सुधार करता है, वह नई परिस्थितियों में टिक सकता है। शिरीष मौसम बदलने पर भी जीवन-शक्ति बनाए रखता है। लेखक इस उदाहरण से लचीलेपन और लगातार आगे बढ़ने का महत्व बताते हैं।
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जो व्यक्ति या समाज समय के बदलाव को समझकर सीखता और अपने तरीकों में जरूरी सुधार करता है, वह नई परिस्थितियों में टिक सकता है। शिरीष मौसम बदलने पर भी जीवन-शक्ति बनाए रखता है। लेखक इस उदाहरण से लचीलेपन और लगातार आगे बढ़ने का महत्व बताते हैं।
Question पाठ के साथ, प्रश्न 8 (क)
कठिन समय में जीवन-शक्ति और विनाश के संघर्ष को लेखक कैसे समझाते हैं?
Steps only
जीवन और विनाश के बीच संघर्ष लगातार चलता रहता है। जो लोग बदलती परिस्थितियों में भी एक ही जगह और ढर्रे पर जमे रहते हैं, वे कमजोर पड़ सकते हैं। लेखक आगे बढ़ते रहने और जरूरत पड़ने पर अपना रास्ता बदलने की सीख देते हैं।
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जीवन और विनाश के बीच संघर्ष लगातार चलता रहता है। जो लोग बदलती परिस्थितियों में भी एक ही जगह और ढर्रे पर जमे रहते हैं, वे कमजोर पड़ सकते हैं। लेखक आगे बढ़ते रहने और जरूरत पड़ने पर अपना रास्ता बदलने की सीख देते हैं।
Question पाठ के साथ, प्रश्न 8 (ख)
लेखक कवि बनने के लिए अनासक्ति और फक्कड़पन को क्यों जरूरी मानते हैं?
Steps only
अनासक्ति कवि को छोटे स्वार्थों और लाभ-हानि के हिसाब से ऊपर उठाती है। फक्कड़पन उसे स्वतंत्र और खुला मन देता है। लेखक के अनुसार, कवि को जीवन और लोगों को गहराई से महसूस करना चाहिए, पर निजी लोभ में उलझना नहीं चाहिए।
Answer
अनासक्ति कवि को छोटे स्वार्थों और लाभ-हानि के हिसाब से ऊपर उठाती है। फक्कड़पन उसे स्वतंत्र और खुला मन देता है। लेखक के अनुसार, कवि को जीवन और लोगों को गहराई से महसूस करना चाहिए, पर निजी लोभ में उलझना नहीं चाहिए।
Question पाठ के साथ, प्रश्न 8 (ग)
लेखक के अनुसार फूल या पेड़ अपने आप में समाप्त नहीं होते; वे किसी और बात की ओर संकेत करते हैं। इसका आशय बताइए।
Steps only
फूल और पेड़ को केवल उनके रूप तक सीमित नहीं देखना चाहिए। वे प्रकृति, जीवन और अनुभव के बड़े अर्थों की ओर ध्यान दिलाते हैं। इसी तरह साहित्यिक रचना भी अपने शब्दों से आगे किसी विचार या भावना का संकेत देती है।
Answer
फूल और पेड़ को केवल उनके रूप तक सीमित नहीं देखना चाहिए। वे प्रकृति, जीवन और अनुभव के बड़े अर्थों की ओर ध्यान दिलाते हैं। इसी तरह साहित्यिक रचना भी अपने शब्दों से आगे किसी विचार या भावना का संकेत देती है।
पाठ के आसपास
Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 14
Question पाठ के आसपास, around1
ज्येष्ठ की भीषण गर्मी में खिलने वाले शिरीष को “शीतपुष्प” क्यों कहा गया होगा?
Steps only
शिरीष तपती गर्मी में भी फूलता और छाया तथा सुंदरता देता है। उसका ठंडक से जुड़ा नाम उसकी खिली हुई छवि और कठिन गर्मी में बने रहने की क्षमता से मेल खाता है।
Answer
शिरीष तपती गर्मी में भी फूलता और छाया तथा सुंदरता देता है। उसका ठंडक से जुड़ा नाम उसकी खिली हुई छवि और कठिन गर्मी में बने रहने की क्षमता से मेल खाता है।
Question पाठ के आसपास, around2
कोमलता और कठोरता गांधीजी के व्यक्तित्व की विशेषता कैसे बनीं?
Steps only
गांधीजी लोगों के दुख के प्रति संवेदनशील थे, इसलिए उनके व्यवहार में करुणा और प्रेम था। साथ ही, वे अन्याय और हिंसा का विरोध दृढ़ता से करते थे। इस तरह उनके भीतर कोमलता और सिद्धांतों पर अडिग रहने की शक्ति साथ-साथ थीं।
Answer
गांधीजी लोगों के दुख के प्रति संवेदनशील थे, इसलिए उनके व्यवहार में करुणा और प्रेम था। साथ ही, वे अन्याय और हिंसा का विरोध दृढ़ता से करते थे। इस तरह उनके भीतर कोमलता और सिद्धांतों पर अडिग रहने की शक्ति साथ-साथ थीं।
Question पाठ के आसपास, around3
खाद्यान्न और सब्ज़ियों की जगह फूलों की खेती बढ़ने पर वाद-विवाद के पक्ष और विपक्ष के तर्क दीजिए।
Steps only
पक्ष में: फूलों की माँग से किसानों की आय और निर्यात के अवसर बढ़ सकते हैं। विपक्ष में: यदि खेती योग्य भूमि बहुत अधिक फूलों में लग जाए, तो भोजन की स्थानीय आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और किसान बाज़ार की कीमतों पर अधिक निर्भर हो सकते हैं। संतुलित निर्णय में पानी, मिट्टी, स्थानीय भोजन की जरूरत और किसान की आय सभी देखें।
Answer
पक्ष में: फूलों की माँग से किसानों की आय और निर्यात के अवसर बढ़ सकते हैं। विपक्ष में: यदि खेती योग्य भूमि बहुत अधिक फूलों में लग जाए, तो भोजन की स्थानीय आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और किसान बाज़ार की कीमतों पर अधिक निर्भर हो सकते हैं। संतुलित निर्णय में पानी, मिट्टी, स्थानीय भोजन की जरूरत और किसान की आय सभी देखें।
Question पाठ के आसपास, around4
लेखक के दूसरे वनस्पति-विषयक निबंधों में से एक पढ़कर उसका विषय और “शिरीष के फूल” से एक समानता लिखिए।
Steps only
उदाहरण के लिए, “कुटज” पढ़ने के बाद विद्यार्थी उसके पौधे और उससे जुड़े जीवन-विचार का संक्षिप्त परिचय दें। “शिरीष के फूल” की तरह वह भी वनस्पति के वर्णन से मनुष्य के स्वभाव या जीवन-मूल्य पर विचार करने का अवसर देता है। अपनी चुनी हुई रचना के अनुसार उदाहरण बदलें।
Answer
उदाहरण के लिए, “कुटज” पढ़ने के बाद विद्यार्थी उसके पौधे और उससे जुड़े जीवन-विचार का संक्षिप्त परिचय दें। “शिरीष के फूल” की तरह वह भी वनस्पति के वर्णन से मनुष्य के स्वभाव या जीवन-मूल्य पर विचार करने का अवसर देता है। अपनी चुनी हुई रचना के अनुसार उदाहरण बदलें।
Question पाठ के आसपास, around5a
द्विवेदी जी को पेड़-पौधों में इतनी रुचि क्यों रही होगी?
Steps only
पेड़-पौधे जीवन, मौसम और समाज के अनुभवों को समझने के सजीव उदाहरण देते हैं। लेखक उनकी बनावट और बदलते मौसमों को देखकर धैर्य, परिवर्तन और जीवन-शक्ति जैसे विचार समझा सकते हैं। उनकी रुचि प्रकृति को ध्यान से देखने और उससे सीखने की आदत भी दिखाती है।
Answer
पेड़-पौधे जीवन, मौसम और समाज के अनुभवों को समझने के सजीव उदाहरण देते हैं। लेखक उनकी बनावट और बदलते मौसमों को देखकर धैर्य, परिवर्तन और जीवन-शक्ति जैसे विचार समझा सकते हैं। उनकी रुचि प्रकृति को ध्यान से देखने और उससे सीखने की आदत भी दिखाती है।
Question पाठ के आसपास, around5b
आज साहित्य में प्रकृति की उपस्थिति कम होने की बात पर अपना मत दीजिए। प्रकृति के प्रति आपका दृष्टिकोण रुचिपूर्ण है या उपेक्षापूर्ण?
Steps only
प्रकृति पर लिखना आज भी जरूरी है, क्योंकि मौसम, जल, पेड़ और जीव-जंतु हमारे जीवन से जुड़े हैं। साहित्य इन संबंधों को महसूस कराने और पर्यावरण पर सोचने में मदद कर सकता है। मेरा दृष्टिकोण प्रकृति के प्रति रुचिपूर्ण है; मैं अपने आसपास के पेड़, पक्षी और मौसम को ध्यान से देखना चाहता/चाहती हूँ।
Answer
प्रकृति पर लिखना आज भी जरूरी है, क्योंकि मौसम, जल, पेड़ और जीव-जंतु हमारे जीवन से जुड़े हैं। साहित्य इन संबंधों को महसूस कराने और पर्यावरण पर सोचने में मदद कर सकता है। मेरा दृष्टिकोण प्रकृति के प्रति रुचिपूर्ण है; मैं अपने आसपास के पेड़, पक्षी और मौसम को ध्यान से देखना चाहता/चाहती हूँ।
भाषा की बात
Textbook pages NCERT आरोह भाग 2, अध्याय 14
Question भाषा की बात, language1
“दस दिन फूले, फिर खंखड़-खंखड़” जैसी कहावत से मिलते-जुलते पाठ के वाक्यांश चुनिए।
Steps only
पाठ में ऐसे वाक्यांश हैं: “न ऊधो का लेना, न माधो का देना”, “जमाने का रुख पहचानना”, “कालदेवता की आँख बचाना” और “रह-रहकर मन खीझ उठना।” ये छोटे वाक्यांश किसी स्थिति या स्वभाव को असरदार और याद रहने योग्य ढंग से बताते हैं।
Answer
पाठ में ऐसे वाक्यांश हैं: “न ऊधो का लेना, न माधो का देना”, “जमाने का रुख पहचानना”, “कालदेवता की आँख बचाना” और “रह-रहकर मन खीझ उठना।” ये छोटे वाक्यांश किसी स्थिति या स्वभाव को असरदार और याद रहने योग्य ढंग से बताते हैं।