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प्रश्न-अभ्यास
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 12
Question प्रश्न-अभ्यास, प्रश्न 1
संवदिया की क्या विशेषताएँ हैं और गाँववालों के मन में संवदिया की क्या अवधारणा है?
Steps only
संवदिया का काम कठिन और जिम्मेदारी वाला है। उसे संदेश के हर शब्द और भाव को याद रखकर, उसी ढंग से सही व्यक्ति तक पहुँचाना और उसकी गोपनीयता बनाए रखना होता है। गाँव के लोग उसे निठल्ला, कामचोर और पेटू समझते हैं। वे यह भी मानते हैं कि उसका अपना घर-गृहस्थी का बंधन नहीं होता और वह बिना मजदूरी लिए लोगों के काम करता है। यह गाँववालों की धारणा है; हरगोबिन का व्यवहार उसकी संवेदनशीलता और भरोसेमंदी दिखाता है।
Answer
संवदिया का काम कठिन और जिम्मेदारी वाला है। उसे संदेश के हर शब्द और भाव को याद रखकर, उसी ढंग से सही व्यक्ति तक पहुँचाना और उसकी गोपनीयता बनाए रखना होता है। गाँव के लोग उसे निठल्ला, कामचोर और पेटू समझते हैं। वे यह भी मानते हैं कि उसका अपना घर-गृहस्थी का बंधन नहीं होता और वह बिना मजदूरी लिए लोगों के काम करता है। यह गाँववालों की धारणा है; हरगोबिन का व्यवहार उसकी संवेदनशीलता और भरोसेमंदी दिखाता है।
Question प्रश्न-अभ्यास, प्रश्न 2
बड़ी हवेली से बुलावा आने पर हरगोबिन के मन में किस प्रकार की आशंका हुई?
Steps only
हरगोबिन को आश्चर्य हुआ कि डाक और आधुनिक संचार के समय में उसे क्यों बुलाया गया। उसे लगा कि बड़ी बहुरिया कोई बहुत गोपनीय और दुखभरा संदेश भेजना चाहती होगी। वह हवेली की बदली हुई हालत जानता था, इसलिए उसे आशंका थी कि संदेश सुनकर उसे भारी दुख होगा।
Answer
हरगोबिन को आश्चर्य हुआ कि डाक और आधुनिक संचार के समय में उसे क्यों बुलाया गया। उसे लगा कि बड़ी बहुरिया कोई बहुत गोपनीय और दुखभरा संदेश भेजना चाहती होगी। वह हवेली की बदली हुई हालत जानता था, इसलिए उसे आशंका थी कि संदेश सुनकर उसे भारी दुख होगा।
Question प्रश्न-अभ्यास, प्रश्न 3
बड़ी बहुरिया अपने मायके संदेश क्यों भेजना चाहती थी?
Steps only
बड़ी बहुरिया ससुराल में अकेली और असहाय हो गई थी। पति और जेठ के बाद देवरों ने संपत्ति बाँट ली और गाँव छोड़ दिया। कर्ज बढ़ रहा था, भोजन तक की कठिनाई थी और उसे लगता था कि वह अब यह स्थिति सह नहीं पाएगी। इसलिए वह अपनी माँ को बुलाकर अपनी पीड़ा बताना चाहती थी।
Answer
बड़ी बहुरिया ससुराल में अकेली और असहाय हो गई थी। पति और जेठ के बाद देवरों ने संपत्ति बाँट ली और गाँव छोड़ दिया। कर्ज बढ़ रहा था, भोजन तक की कठिनाई थी और उसे लगता था कि वह अब यह स्थिति सह नहीं पाएगी। इसलिए वह अपनी माँ को बुलाकर अपनी पीड़ा बताना चाहती थी।
Question प्रश्न-अभ्यास, प्रश्न 4
हरगोबिन बड़ी हवेली में पहुँचकर अतीत की किन स्मृतियों में खो जाता है?
Steps only
हवेली की उजड़ी हालत देखकर हरगोबिन को उसका पुराना वैभव याद आता है—जब वहाँ नौकर-नौकरानियों और लोगों की चहल-पहल रहती थी। उसे बड़ी बहुरिया का सम्मानित स्थान, परिवार का पुराना अपनापन और घर की रौनक याद आती है। वर्तमान की वीरानी से यह अंतर उसे दुखी करता है।
Answer
हवेली की उजड़ी हालत देखकर हरगोबिन को उसका पुराना वैभव याद आता है—जब वहाँ नौकर-नौकरानियों और लोगों की चहल-पहल रहती थी। उसे बड़ी बहुरिया का सम्मानित स्थान, परिवार का पुराना अपनापन और घर की रौनक याद आती है। वर्तमान की वीरानी से यह अंतर उसे दुखी करता है।
Question प्रश्न-अभ्यास, प्रश्न 5
संवाद कहते वक्त बड़ी बहुरिया की आँखें क्यों छलछला आईं?
Steps only
अपने दुख और बेबसी का संदेश बोलना बड़ी बहुरिया के लिए बहुत कठिन था। उसे भाइयों की बेरुखी, गरीबी और अकेलेपन का दर्द था। वह चाहती थी कि माँ को सच पता चले, लेकिन अपनी पीड़ा कहते समय उसका मन भर आया और आँखों में आँसू आ गए।
Answer
अपने दुख और बेबसी का संदेश बोलना बड़ी बहुरिया के लिए बहुत कठिन था। उसे भाइयों की बेरुखी, गरीबी और अकेलेपन का दर्द था। वह चाहती थी कि माँ को सच पता चले, लेकिन अपनी पीड़ा कहते समय उसका मन भर आया और आँखों में आँसू आ गए।
Question प्रश्न-अभ्यास, प्रश्न 6
गाड़ी में बैठने के बाद संवदिया के मन में काँटे की चुभन क्यों हो रही थी? उससे छुटकारा पाने के लिए उसने क्या उपाय सोचा?
Steps only
बड़ी बहुरिया के दुखभरे शब्द हरगोबिन के मन में बार-बार गूँज रहे थे। उसे लग रहा था कि वह जो करने जा रहा है, उससे बड़ी बहुरिया शायद गाँव छोड़कर चली जाएगी। मन की चुभन कम करने के लिए उसने पास बैठे यात्री से बातचीत शुरू करने की कोशिश की और पूछा कि गाड़ी थाना बिहपुर में रुकती है या नहीं। यात्री ने छोटा-सा उत्तर दिया; बात आगे न बढ़ी और हरगोबिन की चिंता बनी रही।
Answer
बड़ी बहुरिया के दुखभरे शब्द हरगोबिन के मन में बार-बार गूँज रहे थे। उसे लग रहा था कि वह जो करने जा रहा है, उससे बड़ी बहुरिया शायद गाँव छोड़कर चली जाएगी। मन की चुभन कम करने के लिए उसने पास बैठे यात्री से बातचीत शुरू करने की कोशिश की और पूछा कि गाड़ी थाना बिहपुर में रुकती है या नहीं। यात्री ने छोटा-सा उत्तर दिया; बात आगे न बढ़ी और हरगोबिन की चिंता बनी रही।
Question प्रश्न-अभ्यास, प्रश्न 7
बड़ी बहुरिया का संदेश हरगोबिन क्यों नहीं सुना सका?
Steps only
हरगोबिन बड़ी बहुरिया के दुख को देखकर बहुत व्यथित था। उसे लगा कि उसका संदेश सुनकर उसकी माँ उसे अपने साथ ले जाएगी और गाँव की “लक्ष्मी” हमेशा के लिए चली जाएगी। उसे यह भी चिंता थी कि मायके में उसे भाई-भाभियों के यहाँ काम करके और बच्चों की जूठन खाकर रहना पड़ सकता है। गाँव की इज्जत और बहुरिया के भविष्य की चिंता में वह संदेश कह नहीं पाया।
Answer
हरगोबिन बड़ी बहुरिया के दुख को देखकर बहुत व्यथित था। उसे लगा कि उसका संदेश सुनकर उसकी माँ उसे अपने साथ ले जाएगी और गाँव की “लक्ष्मी” हमेशा के लिए चली जाएगी। उसे यह भी चिंता थी कि मायके में उसे भाई-भाभियों के यहाँ काम करके और बच्चों की जूठन खाकर रहना पड़ सकता है। गाँव की इज्जत और बहुरिया के भविष्य की चिंता में वह संदेश कह नहीं पाया।
Question प्रश्न-अभ्यास, प्रश्न 8
“संवदिया डटकर खाता है और अफरकर सोता है” से क्या आशय है?
Steps only
यह गाँव में संवदिया के बारे में बनी मज़ाकिया धारणा है कि वह जहाँ जाता है, अच्छा भोजन करता है और फिर आराम से सो जाता है। हरगोबिन के साथ यह बात सही नहीं बैठती। बड़ी बहुरिया की चिंता से वह भोजन नहीं कर पाता और रातभर बेचैन रहता है। इससे उसका संवेदनशील स्वभाव सामने आता है।
Answer
यह गाँव में संवदिया के बारे में बनी मज़ाकिया धारणा है कि वह जहाँ जाता है, अच्छा भोजन करता है और फिर आराम से सो जाता है। हरगोबिन के साथ यह बात सही नहीं बैठती। बड़ी बहुरिया की चिंता से वह भोजन नहीं कर पाता और रातभर बेचैन रहता है। इससे उसका संवेदनशील स्वभाव सामने आता है।
Question प्रश्न-अभ्यास, प्रश्न 9
जलालगढ़ पहुँचने के बाद बड़ी बहुरिया के सामने हरगोबिन ने क्या संकल्प लिया?
Steps only
जलालगढ़ लौटकर हरगोबिन ने बड़ी बहुरिया से कहा कि वह अब उसे कष्ट नहीं होने देगा। उसने उसे अपनी माँ और पूरे गाँव की माँ मानते हुए वचन दिया कि वह निठल्ला नहीं बैठेगा, उसके काम में हाथ बँटाएगा और उसे गाँव छोड़कर जाने की जरूरत नहीं पड़ने देगा।
Answer
जलालगढ़ लौटकर हरगोबिन ने बड़ी बहुरिया से कहा कि वह अब उसे कष्ट नहीं होने देगा। उसने उसे अपनी माँ और पूरे गाँव की माँ मानते हुए वचन दिया कि वह निठल्ला नहीं बैठेगा, उसके काम में हाथ बँटाएगा और उसे गाँव छोड़कर जाने की जरूरत नहीं पड़ने देगा।
Question प्रश्न-अभ्यास, प्रश्न 10
‘डिजिटल इंडिया’ के दौर में संवदिया की क्या भूमिका हो सकती है?
Steps only
आज संदेश फोन और इंटरनेट से तुरंत पहुँचते हैं, इसलिए पुराने पेशे के रूप में संवदिया की जरूरत कम हुई है। फिर भी संकट में किसी बुज़ुर्ग या दूर बसे व्यक्ति तक भरोसेमंद मानवीय सहायता पहुँचाना, स्थानीय भाषा में बात समझाना और भावनात्मक सहारा देना महत्वपूर्ण है। तकनीक सूचना पहुँचा सकती है, पर संवेदना और साथ मनुष्य देता है।
Answer
आज संदेश फोन और इंटरनेट से तुरंत पहुँचते हैं, इसलिए पुराने पेशे के रूप में संवदिया की जरूरत कम हुई है। फिर भी संकट में किसी बुज़ुर्ग या दूर बसे व्यक्ति तक भरोसेमंद मानवीय सहायता पहुँचाना, स्थानीय भाषा में बात समझाना और भावनात्मक सहारा देना महत्वपूर्ण है। तकनीक सूचना पहुँचा सकती है, पर संवेदना और साथ मनुष्य देता है।
भाषा-शिल्प
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 12
Question भाषा-शिल्प, प्रश्न 1(क)
‘काबुली-कायदा’ शब्द का अर्थ समझाइए।
Steps only
“काबुली-कायदा” उस कठोर वसूली के तरीके के लिए कहा गया है जिसमें काबुल से आने वाला कपड़े का व्यापारी उधार देते समय मीठा बोलता था, लेकिन पैसे वसूलते समय सख्ती करता था। कहानी में हरगोबिन यह बात मज़ाक और व्यंग्य में मोदिआइन से कहता है, जो उधार की रकम माँग रही थी।
Answer
“काबुली-कायदा” उस कठोर वसूली के तरीके के लिए कहा गया है जिसमें काबुल से आने वाला कपड़े का व्यापारी उधार देते समय मीठा बोलता था, लेकिन पैसे वसूलते समय सख्ती करता था। कहानी में हरगोबिन यह बात मज़ाक और व्यंग्य में मोदिआइन से कहता है, जो उधार की रकम माँग रही थी।
Question भाषा-शिल्प, प्रश्न 1(ख)
“रोम-रोम कलपने लगा” का अर्थ समझाइए।
Steps only
“रोम-रोम कलपने लगा” का अर्थ है—बहुत गहरे दुख और बेचैनी से व्याकुल हो जाना। बड़ी बहुरिया की दुर्दशा देखकर हरगोबिन का मन भीतर तक दुखी हो गया था।
Answer
“रोम-रोम कलपने लगा” का अर्थ है—बहुत गहरे दुख और बेचैनी से व्याकुल हो जाना। बड़ी बहुरिया की दुर्दशा देखकर हरगोबिन का मन भीतर तक दुखी हो गया था।
Question भाषा-शिल्प, प्रश्न 1(ग)
‘अगहनी धान’ का अर्थ समझाइए।
Steps only
अगहनी धान वह धान है जो अगहन महीने के आसपास पकता या काटा जाता है। कहानी के ग्रामीण जीवन और स्थानीय खेती के संदर्भ को समझने के लिए यह शब्द आया है।
Answer
अगहनी धान वह धान है जो अगहन महीने के आसपास पकता या काटा जाता है। कहानी के ग्रामीण जीवन और स्थानीय खेती के संदर्भ को समझने के लिए यह शब्द आया है।
Question भाषा-शिल्प, प्रश्न 2
पाठ से प्रश्नवाचक वाक्य चुनकर संदर्भ सहित उन पर टिप्पणी कीजिए।
Steps only
कुछ प्रश्नवाचक वाक्य और उनके संदर्भ: “फिर उसकी बुलाहट क्यों हुई?”—डाकघर होने पर भी संवदिया को बुलाने से हरगोबिन हैरान है। “कहाँ गए वे दिन?”—उजड़ी हवेली देखकर वह उसके पुराने वैभव को याद करता है। “और कितना दिल कड़ा करूँ?”—बड़ी बहुरिया अपने दुख का संदेश बताते हुए अपनी सहनशक्ति की सीमा जताती है। “किसके भरोसे यहाँ रहूँगी?”—वह अपने अकेलेपन और असहायता को व्यक्त करती है। ये प्रश्न पात्रों की चिंता, स्मृति और पीड़ा को सामने लाते हैं।
Answer
कुछ प्रश्नवाचक वाक्य और उनके संदर्भ: “फिर उसकी बुलाहट क्यों हुई?”—डाकघर होने पर भी संवदिया को बुलाने से हरगोबिन हैरान है। “कहाँ गए वे दिन?”—उजड़ी हवेली देखकर वह उसके पुराने वैभव को याद करता है। “और कितना दिल कड़ा करूँ?”—बड़ी बहुरिया अपने दुख का संदेश बताते हुए अपनी सहनशक्ति की सीमा जताती है। “किसके भरोसे यहाँ रहूँगी?”—वह अपने अकेलेपन और असहायता को व्यक्त करती है। ये प्रश्न पात्रों की चिंता, स्मृति और पीड़ा को सामने लाते हैं।
Question भाषा-शिल्प, प्रश्न 3(क)
“बड़ी हवेली अब नाममात्र को ही बड़ी हवेली है।” का आशय स्पष्ट कीजिए।
Steps only
यहाँ हवेली का पुराना वैभव समाप्त हो चुका है। पहले जहाँ परिवार, नौकर और काम करने वाले लोगों की चहल-पहल थी, वहाँ अब वीरानी है और बड़ी बहुरिया अकेली रह गई है। इमारत का नाम बड़ा है, पर उसकी पुरानी रौनक और सामर्थ्य नहीं बची।
Answer
यहाँ हवेली का पुराना वैभव समाप्त हो चुका है। पहले जहाँ परिवार, नौकर और काम करने वाले लोगों की चहल-पहल थी, वहाँ अब वीरानी है और बड़ी बहुरिया अकेली रह गई है। इमारत का नाम बड़ा है, पर उसकी पुरानी रौनक और सामर्थ्य नहीं बची।
Question भाषा-शिल्प, प्रश्न 3(ख)
“हरगोबिन ने देखी अपनी आँखों से द्रौपदी की चीरहरण लीला।” का आशय स्पष्ट कीजिए।
Steps only
हरगोबिन को बड़ी बहुरिया के साथ हुआ अन्याय ऐसा लगा जैसे किसी असहाय स्त्री का सार्वजनिक अपमान हो रहा हो। यह महाभारत के प्रसंग का संकेत देकर उसकी पीड़ा को बहुत गंभीर रूप में दिखाता है। आशय वास्तविक घटना का शाब्दिक वर्णन नहीं, बल्कि अन्याय की तीव्रता बताना है।
Answer
हरगोबिन को बड़ी बहुरिया के साथ हुआ अन्याय ऐसा लगा जैसे किसी असहाय स्त्री का सार्वजनिक अपमान हो रहा हो। यह महाभारत के प्रसंग का संकेत देकर उसकी पीड़ा को बहुत गंभीर रूप में दिखाता है। आशय वास्तविक घटना का शाब्दिक वर्णन नहीं, बल्कि अन्याय की तीव्रता बताना है।
Question भाषा-शिल्प, प्रश्न 3(ग)
“बथुआ-साग खाकर कब तक जिऊँ?” का आशय स्पष्ट कीजिए।
Steps only
बड़ी बहुरिया गरीबी और अभाव से बहुत थक चुकी है। यह वाक्य केवल भोजन की शिकायत नहीं, बल्कि लगातार अपमान और कठिनाई में जीवन बिताने की उसकी बेबसी व्यक्त करता है। वह मायके से मदद चाहती है।
Answer
बड़ी बहुरिया गरीबी और अभाव से बहुत थक चुकी है। यह वाक्य केवल भोजन की शिकायत नहीं, बल्कि लगातार अपमान और कठिनाई में जीवन बिताने की उसकी बेबसी व्यक्त करता है। वह मायके से मदद चाहती है।
Question भाषा-शिल्प, प्रश्न 3(घ)
“किस मुँह से वह ऐसा संवाद सुनाएगा?” का आशय स्पष्ट कीजिए।
Steps only
हरगोबिन को लगता है कि वह बड़ी बहुरिया के दुखभरे शब्द उसके मायके वालों को कैसे बताएगा। उसे संदेश सुनाने में संकोच और पीड़ा है, क्योंकि वह बड़ी बहुरिया से प्रेम और अपनापन रखता है। यह प्रश्न उसकी नैतिक दुविधा दिखाता है।
Answer
हरगोबिन को लगता है कि वह बड़ी बहुरिया के दुखभरे शब्द उसके मायके वालों को कैसे बताएगा। उसे संदेश सुनाने में संकोच और पीड़ा है, क्योंकि वह बड़ी बहुरिया से प्रेम और अपनापन रखता है। यह प्रश्न उसकी नैतिक दुविधा दिखाता है।
योग्यता-विस्तार
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 2, अध्याय 12
Question योग्यता-विस्तार, प्रश्न 1
यदि आपको संवदिया की भूमिका मिले तो आप क्या करेंगे? संवदिया बनने के लिए किन बातों का ध्यान रखना होगा?
Steps only
मैं संदेश देने वाले व्यक्ति की बात ध्यान से सुनूँगा, उसका अर्थ और भाव समझूँगा, और बिना अपनी ओर से कुछ जोड़े उसे सही व्यक्ति तक पहुँचाऊँगा। निजी संदेश की गोपनीयता रखूँगा। संवदिया बनने के लिए ध्यान से सुनना, भरोसेमंद होना, स्पष्ट बोलना और दूसरे की स्थिति के प्रति संवेदनशील रहना जरूरी है।
Answer
मैं संदेश देने वाले व्यक्ति की बात ध्यान से सुनूँगा, उसका अर्थ और भाव समझूँगा, और बिना अपनी ओर से कुछ जोड़े उसे सही व्यक्ति तक पहुँचाऊँगा। निजी संदेश की गोपनीयता रखूँगा। संवदिया बनने के लिए ध्यान से सुनना, भरोसेमंद होना, स्पष्ट बोलना और दूसरे की स्थिति के प्रति संवेदनशील रहना जरूरी है।
Question योग्यता-विस्तार, प्रश्न 2
कहानी का नाट्य रूपांतरण कर विद्यालय के मंच पर प्रस्तुत कीजिए।
Steps only
नमूना योजना: दृश्य 1 में हरगोबिन को बड़ी हवेली का बुलावा मिलता है; दृश्य 2 में बड़ी बहुरिया अपनी परेशानी बताती है; दृश्य 3 में यात्रा के दौरान हरगोबिन का मनोसंघर्ष दिखता है; अंतिम दृश्य में वह लौटकर सहायता का संकल्प लेता है। संवाद अपनी भाषा में लिखें, पात्रों को सम्मान से दिखाएँ और कहानी के मूल भाव—करुणा तथा जिम्मेदारी—को बनाए रखें।
Answer
नमूना योजना: दृश्य 1 में हरगोबिन को बड़ी हवेली का बुलावा मिलता है; दृश्य 2 में बड़ी बहुरिया अपनी परेशानी बताती है; दृश्य 3 में यात्रा के दौरान हरगोबिन का मनोसंघर्ष दिखता है; अंतिम दृश्य में वह लौटकर सहायता का संकल्प लेता है। संवाद अपनी भाषा में लिखें, पात्रों को सम्मान से दिखाएँ और कहानी के मूल भाव—करुणा तथा जिम्मेदारी—को बनाए रखें।