कक्षा 11 · Antra · अध्याय 6
खानाबदोश — ओमप्रकाश वाल्मीकि
मजदूर परिवार के सुरक्षित घर के सपने और श्रम-शोषण को सरल उत्तरों में समझें।
16 उत्तरसरल हिंदी
16 worked answers · short steps first, explanations when you need them
प्रश्न-अभ्यास
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 1, अध्याय 6
Question प्रश्न-अभ्यास
जसदेव की पिटाई के बाद मज़दूरों का समूचा दिन कैसा बीता?
मज़दूर डरकर अपनी झोंपड़ियों में सिमट गए। उन्हें सूबेसिंह के लौटने की आशंका थी और भट्ठे पर दवा का इंतज़ाम भी नहीं था।
Answer
मज़दूर डरकर अपनी झोंपड़ियों में सिमट गए। उन्हें सूबेसिंह के लौटने की आशंका थी और भट्ठे पर दवा का इंतज़ाम भी नहीं था।
Question प्रश्न-अभ्यास
मानो अभी तक भट्ठे की जिंदगी से तालमेल क्यों नहीं बैठा पाई थी?
भट्ठे की तंग झोंपड़ी, अँधेरा, खतरे और लगातार काम उसे असुरक्षित करते थे। उसे अपना गाँव याद आता था।
Answer
भट्ठे की तंग झोंपड़ी, अँधेरा, खतरे और लगातार काम उसे असुरक्षित करते थे। उसे अपना गाँव याद आता था।
Question प्रश्न-अभ्यास
असगर ठेकेदार के साथ जसदेव को आता देखकर सूबेसिंह क्यों बिफर पड़ा और जसदेव को मारने का क्या कारण था?
जसदेव मानो के साथ गया, इसलिए सूबेसिंह ने इसे चुनौती समझा। उसने उसे डराकर बाकी मजदूरों को भी चुप रखना चाहा।
Answer
जसदेव मानो के साथ गया, इसलिए सूबेसिंह ने इसे चुनौती समझा। उसने उसे डराकर बाकी मजदूरों को भी चुप रखना चाहा।
Question प्रश्न-अभ्यास
जसदेव ने मानो के हाथ का खाना क्यों नहीं खाया?
सूबेसिंह के जातिसूचक अपमान के बाद जसदेव हिचका। मानो ने उसे याद दिलाया कि वे दोनों भट्ठे के मज़दूर हैं।
Answer
सूबेसिंह के जातिसूचक अपमान के बाद जसदेव हिचका। मानो ने उसे याद दिलाया कि वे दोनों भट्ठे के मज़दूर हैं।
Question प्रश्न-अभ्यास
लोगों को क्यों लग रहा था कि किसी ने जानबूझकर मानो की ईंटें तोड़ीं और रौंदी थीं?
आँधी नहीं आई थी और जानवरों से ऐसा होना संभव नहीं लगा, इसलिए लोगों ने ईंटें जान-बूझकर तोड़े जाने का अनुमान लगाया। दोषी का नाम नहीं बताया गया।
Answer
आँधी नहीं आई थी और जानवरों से ऐसा होना संभव नहीं लगा, इसलिए लोगों ने ईंटें जान-बूझकर तोड़े जाने का अनुमान लगाया। दोषी का नाम नहीं बताया गया।
Question प्रश्न-अभ्यास
मानो को क्यों लग रहा था कि किसी ने उसके पक्की ईंटों के मकान को ही धराशाई कर दिया है?
उसने ईंटों में अपने घर और सुरक्षित भविष्य का सपना देखा था। ईंटें टूटने से उसे सपना टूटा हुआ लगा।
Answer
उसने ईंटों में अपने घर और सुरक्षित भविष्य का सपना देखा था। ईंटें टूटने से उसे सपना टूटा हुआ लगा।
Question प्रश्न-अभ्यास
‘चल! ये लोग म्हारा घर ना बणने देंगे।’ इस कथन के आधार पर कहानी की मूल संवेदना स्पष्ट कीजिए।
मजदूर दूसरों के लिए ईंटें बनाते हैं, पर अपने घर से वंचित रहते हैं। कहानी श्रम-शोषण और सुरक्षित घर की चाह दिखाती है।
Answer
मजदूर दूसरों के लिए ईंटें बनाते हैं, पर अपने घर से वंचित रहते हैं। कहानी श्रम-शोषण और सुरक्षित घर की चाह दिखाती है।
Question प्रश्न-अभ्यास
कहानी में आज के समाज की किन समस्याओं को दिखाया गया है? इन समस्याओं के प्रति लेखक का दृष्टिकोण बताइए।
कम मजदूरी, असुरक्षा, मालिक की मनमानी, महिलाओं पर दबाव और जातिभेद दिखाए गए हैं। लेखक इन अन्यायों पर सवाल उठाता है।
Answer
कम मजदूरी, असुरक्षा, मालिक की मनमानी, महिलाओं पर दबाव और जातिभेद दिखाए गए हैं। लेखक इन अन्यायों पर सवाल उठाता है।
Question प्रश्न-अभ्यास
सुकिया ने गाँव में जिन समस्याओं के कारण गाँव छोड़ा, वही समस्या शहर के भट्ठे पर उसे क्यों झेलनी पड़ी? मूल समस्या क्या थी?
गाँव और शहर दोनों जगह ताकतवर लोग उसके काम और अवसर नियंत्रित करते थे। मूल समस्या गरीबी, शोषण और असमानता थी।
Answer
गाँव और शहर दोनों जगह ताकतवर लोग उसके काम और अवसर नियंत्रित करते थे। मूल समस्या गरीबी, शोषण और असमानता थी।
Question प्रश्न-अभ्यास
‘स्किल इंडिया’ जैसा कार्यक्रम होता तो क्या तब भी सुकिया और मानो को खानाबदोश जीवन बिताना पड़ता?
कौशल से अवसर बढ़ सकते थे, लेकिन उचित मजदूरी, सुरक्षा, रहने की जगह और श्रमिक अधिकार भी जरूरी हैं।
Answer
कौशल से अवसर बढ़ सकते थे, लेकिन उचित मजदूरी, सुरक्षा, रहने की जगह और श्रमिक अधिकार भी जरूरी हैं।
Question प्रश्न-अभ्यास
‘अपने देस की सूखी रोटी भी परदेस के पकवानों से अच्छी होती है’—आशय स्पष्ट कीजिए।
अपने गाँव की सादी जिंदगी में अपनापन और सहारा है। परदेस की सुविधा भी असुरक्षा के सामने कम लगती है।
Answer
अपने गाँव की सादी जिंदगी में अपनापन और सहारा है। परदेस की सुविधा भी असुरक्षा के सामने कम लगती है।
Question प्रश्न-अभ्यास
‘इतने ढेर से नोट लगेंगे घर बनाने में…’—आशय स्पष्ट कीजिए।
घर के लिए बड़ी रकम चाहिए, पर उनकी मजदूरी से बचत बहुत कम होती है। सुकिया अपनी बेबसी बता रहा है।
Answer
घर के लिए बड़ी रकम चाहिए, पर उनकी मजदूरी से बचत बहुत कम होती है। सुकिया अपनी बेबसी बता रहा है।
Question प्रश्न-अभ्यास
मानो को पक्की ईंटों का घर क्यों चाहिए था?—आशय स्पष्ट कीजिए।
वह परिवार के लिए सुरक्षित और स्थायी घर चाहती थी। पक्का घर उसके लिए सम्मान और स्थिरता का प्रतीक था।
Answer
वह परिवार के लिए सुरक्षित और स्थायी घर चाहती थी। पक्का घर उसके लिए सम्मान और स्थिरता का प्रतीक था।
योग्यता-विस्तार
Textbook pages NCERT अंतरा भाग 1, अध्याय 6
Question योग्यता-विस्तार
अपने क्षेत्र में ईंट-भट्ठे को देखकर ईंट बनाने और पकाने की प्रक्रिया अपने शब्दों में लिखिए।
मिट्टी तैयार करना, साँचे में ईंट बनाना, सुखाना, भट्ठे में पकाना और ठंडाकर निकालना—इन चरणों का अवलोकन लिखें। सुरक्षा और पर्यावरण का भी ध्यान रखें।
Answer
मिट्टी तैयार करना, साँचे में ईंट बनाना, सुखाना, भट्ठे में पकाना और ठंडाकर निकालना—इन चरणों का अवलोकन लिखें। सुरक्षा और पर्यावरण का भी ध्यान रखें।
Question योग्यता-विस्तार
भट्ठा-मज़दूरों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर रिपोर्ट तैयार कीजिए।
मजदूरी, काम के घंटे, सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा पर सहमति से जानकारी लें। पहचान छिपाएँ और जरूरी सुधार सुझाएँ।
Answer
मजदूरी, काम के घंटे, सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा पर सहमति से जानकारी लें। पहचान छिपाएँ और जरूरी सुधार सुझाएँ।
Question योग्यता-विस्तार
जाति-प्रथा पर निबंध लिखिए।
जाति के आधार पर भेदभाव अन्यायपूर्ण है। सभी को शिक्षा, काम और सम्मान में समान अवसर मिलना चाहिए; जन्म से योग्यता तय नहीं होती।
Answer
जाति के आधार पर भेदभाव अन्यायपूर्ण है। सभी को शिक्षा, काम और सम्मान में समान अवसर मिलना चाहिए; जन्म से योग्यता तय नहीं होती।