8 worked answers · short steps first, explanations when you need them
अभ्यास
Textbook pages NCERT वितान भाग 2, अध्याय 3
Question अभ्यास प्रश्न, 1
सिंधु सभ्यता साधन-संपन्न थी, पर उसमें भव्यता का आडंबर नहीं था। कैसे?
Steps only
सिंधु नगरों में पक्की ईंटों के घर, कुएँ, स्नानघर, नालियाँ, भंडार और चौड़ी सड़कें थीं। इससे उनके अच्छे साधनों और कुशल योजना का पता चलता है। फिर भी वहाँ विशाल राजमहल, बड़े मंदिर या शासकों की भव्य समाधियाँ नहीं मिलीं। उनकी समृद्धि उपयोगी नगर-व्यवस्था में दिखती है, दिखावे वाली इमारतों में नहीं।
Answer
सिंधु नगरों में पक्की ईंटों के घर, कुएँ, स्नानघर, नालियाँ, भंडार और चौड़ी सड़कें थीं। इससे उनके अच्छे साधनों और कुशल योजना का पता चलता है। फिर भी वहाँ विशाल राजमहल, बड़े मंदिर या शासकों की भव्य समाधियाँ नहीं मिलीं। उनकी समृद्धि उपयोगी नगर-व्यवस्था में दिखती है, दिखावे वाली इमारतों में नहीं।
Question अभ्यास प्रश्न, 2
सिंधु सभ्यता का सौंदर्य-बोध राज-पोषित या धर्म-पोषित न होकर समाज-पोषित था—ऐसा क्यों कहा गया?
Steps only
सिंधु सभ्यता की कला रोज़मर्रा की वस्तुओं में दिखाई देती है—मिट्टी के बर्तन, मुहरें, आभूषण, खिलौने और छोटी मूर्तियाँ। ये केवल राजा या मंदिर के लिए बनी भव्य वस्तुएँ नहीं थीं। इससे लगता है कि कला आम लोगों के जीवन और रुचि का हिस्सा थी। इसलिए लेखक इसे समाज-पोषित सौंदर्य-बोध कहते हैं।
Answer
सिंधु सभ्यता की कला रोज़मर्रा की वस्तुओं में दिखाई देती है—मिट्टी के बर्तन, मुहरें, आभूषण, खिलौने और छोटी मूर्तियाँ। ये केवल राजा या मंदिर के लिए बनी भव्य वस्तुएँ नहीं थीं। इससे लगता है कि कला आम लोगों के जीवन और रुचि का हिस्सा थी। इसलिए लेखक इसे समाज-पोषित सौंदर्य-बोध कहते हैं।
Question अभ्यास प्रश्न, 3
किन पुरातात्त्विक चिह्नों से कहा जा सकता है कि सिंधु सभ्यता ताकत से शासित होने की अपेक्षा समझ से अनुशासित थी?
Steps only
नगरों की एक जैसी ईंटें, सीधी सड़कें, घरों से जुड़ी नालियाँ, कुओं की व्यवस्था और माप-तौल की समानता बताते हैं कि लोगों ने साझा नियम बनाए होंगे। खुदाई में हथियार, बड़े महल या शासकीय वैभव के स्पष्ट प्रमाण कम मिले हैं। इससे लेखक अनुमान करते हैं कि व्यवस्था सहयोग और समझ पर आधारित रही होगी। यह पुरातात्त्विक संकेतों से निकला अनुमान है, पूरी तरह निश्चित निष्कर्ष नहीं।
Answer
नगरों की एक जैसी ईंटें, सीधी सड़कें, घरों से जुड़ी नालियाँ, कुओं की व्यवस्था और माप-तौल की समानता बताते हैं कि लोगों ने साझा नियम बनाए होंगे। खुदाई में हथियार, बड़े महल या शासकीय वैभव के स्पष्ट प्रमाण कम मिले हैं। इससे लेखक अनुमान करते हैं कि व्यवस्था सहयोग और समझ पर आधारित रही होगी। यह पुरातात्त्विक संकेतों से निकला अनुमान है, पूरी तरह निश्चित निष्कर्ष नहीं।
Question अभ्यास प्रश्न, 4
खंडहर की अधूरी सीढ़ियों पर खड़े होकर “इतिहास के पार झाँकने” से लेखक का क्या आशय है?
Steps only
टूटी सीढ़ियाँ अब किसी घर की ऊपरी मंज़िल तक नहीं ले जातीं। लेकिन उन पर खड़े होकर लेखक कल्पना करता है कि कभी यहाँ लोग रहते, चलते और काम करते थे। खंडहर वर्तमान दृश्य से आगे ले जाकर पुरानी सभ्यता के जीवन की झलक देते हैं। इस तरह वह केवल इतिहास की तारीखें नहीं, उसके पीछे का मानवीय संसार महसूस करता है।
Answer
टूटी सीढ़ियाँ अब किसी घर की ऊपरी मंज़िल तक नहीं ले जातीं। लेकिन उन पर खड़े होकर लेखक कल्पना करता है कि कभी यहाँ लोग रहते, चलते और काम करते थे। खंडहर वर्तमान दृश्य से आगे ले जाकर पुरानी सभ्यता के जीवन की झलक देते हैं। इस तरह वह केवल इतिहास की तारीखें नहीं, उसके पीछे का मानवीय संसार महसूस करता है।
Question अभ्यास प्रश्न, 5
टूटे-फूटे खंडहर सभ्यता के इतिहास के साथ धड़कती जिंदगियों के अनछुए समयों का दस्तावेज़ कैसे होते हैं?
Steps only
खंडहरों से घरों, सड़कों, कुओं और काम की जगहों का पता चलता है। इनसे यह भी समझा जा सकता है कि लोग पानी कैसे लेते, खाना कहाँ बनाते और किस तरह मिल-जुलकर रहते होंगे। हर वस्तु किसी रोज़मर्रा के जीवन की निशानी है। इसलिए खंडहर केवल इमारतों का इतिहास नहीं, उनमें रहने वाले लोगों की अनकही कहानी भी बताते हैं।
Answer
खंडहरों से घरों, सड़कों, कुओं और काम की जगहों का पता चलता है। इनसे यह भी समझा जा सकता है कि लोग पानी कैसे लेते, खाना कहाँ बनाते और किस तरह मिल-जुलकर रहते होंगे। हर वस्तु किसी रोज़मर्रा के जीवन की निशानी है। इसलिए खंडहर केवल इमारतों का इतिहास नहीं, उनमें रहने वाले लोगों की अनकही कहानी भी बताते हैं।
Question अभ्यास प्रश्न, 6
आपने जिस ऐतिहासिक स्थल को पास से देखा हो, उसका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
Steps only
**नमूना उत्तर—किला:** मैंने अपने शहर के पुराने किले को देखा। उसकी ऊँची दीवारें और बड़ा प्रवेश-द्वार सुरक्षा की जरूरत दिखाते हैं। भीतर आँगन, पानी की टंकी और कई कमरे हैं। गाइड ने बताया कि अलग-अलग हिस्से अलग कामों के लिए बने थे। वहाँ घूमते हुए लगा कि इमारतें हमें पुराने लोगों की योजना और जीवन के बारे में बताती हैं। अपने अनुभव के अनुसार स्थान और विवरण बदलें।
Answer
नमूना उत्तर—किला: मैंने अपने शहर के पुराने किले को देखा। उसकी ऊँची दीवारें और बड़ा प्रवेश-द्वार सुरक्षा की जरूरत दिखाते हैं। भीतर आँगन, पानी की टंकी और कई कमरे हैं। गाइड ने बताया कि अलग-अलग हिस्से अलग कामों के लिए बने थे। वहाँ घूमते हुए लगा कि इमारतें हमें पुराने लोगों की योजना और जीवन के बारे में बताती हैं। अपने अनुभव के अनुसार स्थान और विवरण बदलें।
Question अभ्यास प्रश्न, 7
नदी, कुएँ, स्नानागार और निकासी व्यवस्था को देखते हुए क्या सिंधु सभ्यता को जल-संस्कृति कह सकते हैं? तर्क दें।
Steps only
हाँ, इसे जल-संस्कृति कहना उचित लगता है। नगरों में अनेक कुएँ, घरों के स्नानघर, बड़ा सार्वजनिक कुंड और ढकी हुई नालियों का जाल था। इससे पता चलता है कि पानी लाना, स्नान करना और गंदे पानी को निकालना नगर-जीवन की योजना का महत्त्वपूर्ण भाग था। यह निष्कर्ष उपलब्ध पुरातात्त्विक अवशेषों पर आधारित है।
Answer
हाँ, इसे जल-संस्कृति कहना उचित लगता है। नगरों में अनेक कुएँ, घरों के स्नानघर, बड़ा सार्वजनिक कुंड और ढकी हुई नालियों का जाल था। इससे पता चलता है कि पानी लाना, स्नान करना और गंदे पानी को निकालना नगर-जीवन की योजना का महत्त्वपूर्ण भाग था। यह निष्कर्ष उपलब्ध पुरातात्त्विक अवशेषों पर आधारित है।
Question अभ्यास प्रश्न, 8
लिखित साक्ष्य न मिलने पर भी मुअनजो-दड़ो के बारे में पाठ से अलग कौन-सी धारणा या भाव बन सकता है? समूह-चर्चा के लिए विचार लिखिए।
Steps only
**चर्चा के लिए नमूना:** उपलब्ध अवशेष बताते हैं कि नगर में योजना और जल-व्यवस्था अच्छी थी, पर लिखित भाषा पढ़ी नहीं जा सकी है। इसलिए शासन, परिवारों के संबंध और धार्मिक विश्वासों के बारे में कई बातें अनिश्चित हैं। मुझे लगता है कि सभ्यता के लोगों का जीवन विविध रहा होगा; सभी घर और काम एक जैसे नहीं थे। चर्चा में तथ्य और अनुमान अलग-अलग बताना चाहिए।
Answer
चर्चा के लिए नमूना: उपलब्ध अवशेष बताते हैं कि नगर में योजना और जल-व्यवस्था अच्छी थी, पर लिखित भाषा पढ़ी नहीं जा सकी है। इसलिए शासन, परिवारों के संबंध और धार्मिक विश्वासों के बारे में कई बातें अनिश्चित हैं। मुझे लगता है कि सभ्यता के लोगों का जीवन विविध रहा होगा; सभी घर और काम एक जैसे नहीं थे। चर्चा में तथ्य और अनुमान अलग-अलग बताना चाहिए।