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कक्षा 11 · Aroh · अध्याय 14

हे भूख! मत मचल; हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर — अक्कमहादेवी

अक्कमहादेवी के वचनों में इंद्रिय-संयम, भक्ति और सांसारिक मोह से मुक्ति के भाव।

6 उत्तरसरल हिंदी

6 worked answers · short steps first, explanations when you need them

वचन के साथ

Textbook pages NCERT आरोह भाग 1, अध्याय 14

Question कविता के साथ, प्रश्न 1

लक्ष्य तक पहुँचने में इंद्रियाँ बाधा बन सकती हैं—इस विचार के समर्थन में अपने तर्क दीजिए।

Steps only

स्वाद, नींद या क्रोध जैसी इच्छाएँ ध्यान भटका सकती हैं। संयम का अर्थ जरूरतों को दबाना नहीं, बल्कि संतुलन रखकर लक्ष्य पर ध्यान देना है।

Answer

स्वाद, नींद या क्रोध जैसी इच्छाएँ ध्यान भटका सकती हैं। संयम का अर्थ जरूरतों को दबाना नहीं, बल्कि संतुलन रखकर लक्ष्य पर ध्यान देना है।

Question कविता के साथ, प्रश्न 2

“ओ चराचर! मत चूक अवसर” का आशय समझाइए।

Steps only

चराचर यानी समस्त जगत को कहा गया है कि जीवन में आत्मबोध और ईश्वर-प्रेम का अवसर न गँवाएँ।

Answer

चराचर यानी समस्त जगत को कहा गया है कि जीवन में आत्मबोध और ईश्वर-प्रेम का अवसर न गँवाएँ।

Question कविता के साथ, प्रश्न 3

ईश्वर के लिए किस उदाहरण का प्रयोग हुआ है और समानता का आधार क्या है?

Steps only

ईश्वर की तुलना जूही के फूल से है। फूल की सुंदरता, कोमलता और सुगंध ईश्वर के प्रिय और आकर्षक स्वरूप का भाव देती है।

Answer

ईश्वर की तुलना जूही के फूल से है। फूल की सुंदरता, कोमलता और सुगंध ईश्वर के प्रिय और आकर्षक स्वरूप का भाव देती है।

Question कविता के साथ, प्रश्न 4

दूसरे वचन में “अपना घर” किस बात का प्रतीक है और उसे भूलने की इच्छा क्यों है?

Steps only

“अपना घर” सांसारिक पहचान, अहंकार और मोह का प्रतीक है। उसे भूलने की इच्छा पूर्ण ईश्वर-समर्पण के लिए है।

Answer

“अपना घर” सांसारिक पहचान, अहंकार और मोह का प्रतीक है। उसे भूलने की इच्छा पूर्ण ईश्वर-समर्पण के लिए है।

Question कविता के साथ, प्रश्न 5

दूसरे वचन में कवयित्री ईश्वर से क्या कामना करती हैं और क्यों?

Steps only

वे संग्रह, अहं और सांसारिक सहारे से मुक्त होकर ईश्वर में समर्पित होना चाहती हैं। भिक्षा-पात्र की कल्पना इसी अनासक्ति को दिखाती है।

Answer

वे संग्रह, अहं और सांसारिक सहारे से मुक्त होकर ईश्वर में समर्पित होना चाहती हैं। भिक्षा-पात्र की कल्पना इसी अनासक्ति को दिखाती है।

वचन के आस-पास

Textbook pages NCERT आरोह भाग 1, अध्याय 14

Question कविता के आस-पास, प्रश्न 1

क्या अक्का महादेवी को कन्नड़ की मीरा कहा जा सकता है? चर्चा के आधार सहित उत्तर दीजिए।

Steps only

हाँ, अनन्य भक्ति और सामाजिक अपेक्षाओं से ऊपर उठने के कारण तुलना की जा सकती है। पर दोनों की भाषा, समय और धार्मिक परंपराएँ अलग हैं।

Answer

हाँ, अनन्य भक्ति और सामाजिक अपेक्षाओं से ऊपर उठने के कारण तुलना की जा सकती है। पर दोनों की भाषा, समय और धार्मिक परंपराएँ अलग हैं।

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