कक्षा 11 · Aroh · अध्याय 10
मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई; पग घुँघरू बाँधि मीरां नाची — मीरा
मीरा की अनन्य कृष्ण-भक्ति, प्रेम के रूपकों और लोक-लाज से ऊपर उठने पर सरल उत्तर और व्याख्याएँ।
6 उत्तरसरल हिंदी
6 worked answers · short steps first, explanations when you need them
पद के साथ और पद के आस-पास
Textbook pages NCERT आरोह भाग 1, अध्याय 10
Question पद के साथ, प्रश्न 1
मीरा कृष्ण की उपासना किस रूप में करती हैं और वे कृष्ण को कैसा मानती हैं?
मीरा कृष्ण को अपना आराध्य और पति मानती हैं। वे उन्हें मनमोहक, मोर-मुकुटधारी और अपना सर्वस्व कहती हैं।
Answer
मीरा कृष्ण को अपना आराध्य और पति मानती हैं। वे उन्हें मनमोहक, मोर-मुकुटधारी और अपना सर्वस्व कहती हैं।
Question पद के साथ, प्रश्न 2(क)
आँसुओं से प्रेम-बेल सींचने और उससे आनंद के फल मिलने वाले भाव तथा शिल्प को समझाइए।
विरह के आँसू प्रेम-बेल को सींचते हैं और भक्ति आनंद देती है। प्रेम-बेल व आनंद-फल रूपक हैं; ‘सींचि-सिंचि’ में पुनरावृत्ति है।
Answer
विरह के आँसू प्रेम-बेल को सींचते हैं और भक्ति आनंद देती है। प्रेम-बेल व आनंद-फल रूपक हैं; ‘सींचि-सिंचि’ में पुनरावृत्ति है।
Question पद के साथ, प्रश्न 2(ख)
दूध मथकर घी निकालने वाले उदाहरण का भाव और शिल्प समझाइए।
दही मथने में घी सार है; मीरा के लिए जीवन का सार कृष्ण-भक्ति है। घी और छाछ प्रतीक हैं, और घरेलू उदाहरण भाव को सरल करता है।
Answer
दही मथने में घी सार है; मीरा के लिए जीवन का सार कृष्ण-भक्ति है। घी और छाछ प्रतीक हैं, और घरेलू उदाहरण भाव को सरल करता है।
Question पद के साथ, प्रश्न 3
मीरा संसार को देखकर क्यों रोती हैं?
मीरा को लगता है कि लोग सांसारिक बातों में उलझकर कृष्ण-प्रेम का आनंद नहीं समझते। विरह और करुणा से वे रोती हैं।
Answer
मीरा को लगता है कि लोग सांसारिक बातों में उलझकर कृष्ण-प्रेम का आनंद नहीं समझते। विरह और करुणा से वे रोती हैं।
Question पद के आस-पास, प्रश्न 1
कल्पना कीजिए कि मीरा को कृष्ण-भक्ति के मार्ग में किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा।
उन्हें परिवार का विरोध, समाज की आलोचना और अकेलेपन का सामना करना पड़ा होगा, क्योंकि उनकी सार्वजनिक भक्ति रूढ़ अपेक्षाओं से अलग थी।
Answer
उन्हें परिवार का विरोध, समाज की आलोचना और अकेलेपन का सामना करना पड़ा होगा, क्योंकि उनकी सार्वजनिक भक्ति रूढ़ अपेक्षाओं से अलग थी।
Question पद के आस-पास, प्रश्न 2
मीरा के संदर्भ में ‘लोक-लाज खोने’ का क्या अर्थ है?
लोक-लाज खोना यानी समाज की आलोचना के डर से न रुकना। मीरा अपनी भक्ति को सामाजिक दिखावे से अधिक महत्त्व देती हैं।
Answer
लोक-लाज खोना यानी समाज की आलोचना के डर से न रुकना। मीरा अपनी भक्ति को सामाजिक दिखावे से अधिक महत्त्व देती हैं।